मोदी सरकार का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना:-मदन राठौड़
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा संचालित कृषोन्नति योजना का पुनर्गठन किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की यह योजना किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन में सुधार तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। 15वें वित्त आयोग की अवधि यानी वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए कुल 44,246.89 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने सदन में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि कृषोन्नति योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण मिशन और कार्यक्रम शामिल किए गए हैं, इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–ऑयल पाम, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–तिलहन, समेकित बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय बांस मिशन, कृषि विस्तार उप-मिशन, पूर्वोत्तर क्षेत्र जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन, एकीकृत कृषि विपणन योजना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसे प्रमुख घटक शामिल हैं। राठौड़ ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक, बीज, सिंचाई और कृषि से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। सरकार का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं को एकीकृत करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। राठौड़ ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी किसानों के कल्याण के लिए नई योजनाएँ और सुधार जारी रहेंगे।





