जयपुर के चांदपोल इलाके में ऐतिहासिक दरगाह (मजार) की छत निर्माण को लेकर हुआ बड़ा राजनीतिक बवाल
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जयपुर के चांदपोल इलाके में एक ऐतिहासिक दरगाह (मजार) की छत निर्माण को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य (भाजपा) और किशनपोल विधायक अमीन कागजी (कांग्रेस) आमने-सामने आ गए,जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा। घटना की जानकारी के अनुसार,चांदपोल सब्जी मंडी के पास स्थित लगभग 100 वर्ष पुरानी दरगाह की छत का निर्माण कार्य चल रहा था। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने अपने विधायक निधि से 20 लाख रुपये स्वीकृत करवाकर यह काम शुरू करवाया था। उन्होंने दावा किया कि निर्माण पूरी तरह से विभागीय अनुमति और नियमों के अनुसार हो रहा है। रविवार दोपहर को भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण को अवैध अतिक्रमण करार देते हुए अधिकारियों पर दबाव डालकर काम रुकवाने की कोशिश की। उनका कहना था कि बिना स्पष्ट अनुमति के धार्मिक स्थल पर ऐसा निर्माण नियमों के खिलाफ है और जांच की जरूरत है। इससे मौके पर मौजूद लोगों में विरोध शुरू हो गया। जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी समर्थकों के साथ पहुंच गए। उन्होंने बालमुकुंद आचार्य पर जयपुर का माहौल खराब करने और दूसरे क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। कागजी ने कहा,”बालमुकुंद को अपने हवामहल क्षेत्र में ध्यान देना चाहिए। क्षेत्र में मंदिरों के निर्माण पर भी विधायक निधि से काम हुए हैं,लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं की।” दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस हुई, जिसे ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ कहा जा रहा है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। इलाके में भारी पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। अमीन कागजी ने बाद में पुलिस कमिश्नरेट में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सियासी पारा चढ़ा दिया है और लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। दोनों विधायकों के बयानों से विवाद और गहरा सकता है। प्रशासन जांच कर रहा है कि निर्माण वैध है या नहीं।





