भगवान पदमप्रभु के मोक्ष कल्याणक पर गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में 5 फरवरी होगें विविध आयोजन
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जैन धर्म के छटे तीर्थकर भगवान पदमप्रभू की भू गर्भ से प्रकटित अतिशयकारी प्रतिमा एवं अति सुन्दर जिनालय के विश्व प्रसिद्ध दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा (बाड़ा) में जहाजपुर प्रणेत्री भारत गौरव गणिनी आर्थिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में गुरुवार, 5 फरवरी को भगवान पदमाप्रभु का मोक्ष कल्याणक दिवस भक्ति भाव से मनाया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन दौसा एवं मानद मंत्री एडवोकेट हेमन्त सोगानी ने संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देते हुए बताया कि इस मौके पर प्रातः 7.00 बजे मूलनायक भगवान पदमप्रभू के मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक होगें। विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की जाएगी प्रातः 7.30 बजे से भगवान पदमप्रभु की संगीतमय निर्वाण पूजा की जाएगी। तत्पश्चात जयकारों के बीच प्रातः 8.15 बजे मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा क्षेत्र कमेटी के कोषाध्यक्ष राज कुमार कोठ्यारी ने बताया कि प्रातः 10.15 बजे से श्रद्धालुओं द्वारा भगवान पदमप्रभू की खडगासन प्रतिमा के पंचामृत अभिषेक किये जाएंगे भगवान पदमप्रभु की खडगासन प्रतिमा के पंचामृत अभिषेक पश्चात गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में पंचकल्याणक पात्र निर्धारण समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें पंचम पट्टाचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ (32 पिच्छीका) एवं गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में 18 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाले पदमपुरा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्रों का निर्धारण किया जाएगा।





