जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । श्री राजर्षि राज IPS पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) जयपुर ने बताया कि परिवादिया श्रीमती सीता पत्नी श्री सीताराम जाति सैन निवासी प्लॉट संख्या 78 अशोक विहार, कॉलोनी टोंक ने एक इस्तगासा माननीय न्यायालय के द्वारा इस आशय का दर्ज करवाया कि परिवादिया के कब्जे मिल्कियत का खरीद शुदा भूखण्ड संख्या 136 क्षेत्रफल 200 वर्गगज स्थित पदम विहार, श्रीराम की नांगल में स्थित है जिसकी परिवादिया एकमात्र मालिक है। उक्त भूखण्ड भैरव गृह निर्माण सहकारी समिति के द्वारा विकसित आवासीय योजना पदम विहार में सर्वप्रथम श्रीमती मक्खन देवी को आवंटित किया गया था। बाद में विकय किये जाने पर दिनांक 20.05.2022 को परिवादिया के द्वारा कय कर विकय पत्र रजिस्टर्ड करवाया गया। दिनांक 17.10.2022 को परिवादिया अपने परिजनो के साथ मौके पर जाकर नीव खोदने का काम शुरू किया तो अप्रार्थीगण श्रीमती मंगली देवी पत्नी बद्रीनारायण मौके पर आई व भूखण्ड स्वयं के नाम होना बताकर एक आवंटन पत्र भी दिखाया, इत्यादि पर प्रकरण संख्या 753 / 2022 धारा 420,406,467,468,471,120बी भादस दिनांक 27.11.2022 पुलिस थाना शिवदासपुरा, जयपुर दक्षिण पर दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
प्रकरण दर्ज होने के उपरान्त प्रकरण में परिवादिया व गवाहान से अनुसंधान किया गया। आवश्यक दस्तावेज/ रिकॉर्ड प्राप्त किया गया। प्रकरण में आरोपी अश्वनी कुमार महाजन जो कि पूर्व में भैरव गृह निर्माण सहकारी समिति का अध्यक्ष था जिसके खिलाफ व भूखण्ड केता श्रीमती मंगली देवी पत्नी श्री बद्रीनारायण जाति मीणा निवासी देवगाव बस्सी, जिला जयपुर के विरूद्ध जुर्म धारा 420,406,467,468,471,120बी भादस का अपराध साबित पाया गया। प्रकरण में अश्वनी कुमार की तलाश की गई। आरोपी अपने घर पर कभी-कभार ही आता है जो अधिकांश समय इधर-उधर होटल ढाबों पर बैठकर समय व्यतीत करता रहता है। जिसका पुलिस टीम द्वारा लगातार पीछा किया एवं तकनीकी आधार पर लगातार पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी बदमाश प्रवृति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ पूर्व में धारा 302 भादस का मुकदमा दर्ज होकर करीब 16 सालो तक जेल में बंद रहा। जिसने श्रीमती मंगली देवी के साथ मिलकर पदम विहार, श्रीराम की नांगल का फर्जी व कूटरचित पट्टा तैयार कर श्रीमती मंगली देवी को दे दिया।





