रायपुर_छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा और आपदा जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर और आशा नामक राज्य स्तरीय पुस्तक का विमोचन दिनांक 26 जुलाई 2025 को होटल सोलिटेयर रायपुर में माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ इस पुस्तक की संपादनकर्ता राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सुश्री के. शारदा हैं जिन्होंने राज्य के विभिन्न 33 जिलों के समर्पित शिक्षकों की एक टीम बनाकर इस बहुपयोगी पुस्तक का निर्माण किया
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस वार्तालाप पर लोकहित एक्सप्रेस न्यूज़ को बताया कि यह पुस्तक दिव्यांगजनों और उनके परिवार के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मेरी जरूरत हो मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा पुस्तक के लिए सभी शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मेरा इस बुक को बनने का मुख्य उद्देश्य की दिव्यांगजनो को उनके अधिकार एवं अवसर के जो हमारी सरकारी योजना उन तक पहुंचे ताकि अपने सपनों को साकार कर सके मैने अपने राज्य के 33 जिले के शिक्षकों को इसलिए जोड़ा ताकि प्रत्येक शिक्षक जिला संकुल में साझा कर उनकी वे मदद कर सके उनके सर्टिफिकेट यूनिक आईडी और योजना के बारे में परिवार को बता के उनकी लाभ दिला सके एक छोटी सी कोशिश की हमने शुरुवात अपनी शाला की है_के शारदा पुस्तक में दिव्यांगता से संबंधित समस्त जानकारी का समावेश किया गया है जैसे कि शासन से मिलने वाली सुविधाएं इन सुविधाओं को पाने के लिए क्या करना होगा किससे संपर्क करना होगा इस पुस्तक में समस्त जानकारी एक साथ मिल जाएगा।
इस पुस्तक की विशेषता बड़ी यह है कि इसमें QR कोड्स जोड़े गए हैं जिन्हें स्कैन करने पर छात्र वीडियो सामग्री देख सकते हैं वीडियो न केवल पाठ्यवस्तु को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करते हैं इसके अतिरिक्त यह पुस्तक दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ऑडियो फॉर्मेट में भी उपलब्ध कराई गई है ताकि वे भी समान रूप से विषयवस्तु को समझ सकें यह संसाधन सामान्य विद्यार्थियों के साथ-साथ दिव्यांग विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय उप मुख्यमंत्री द्वारा सभी सहभागी शिक्षकों का सम्मान भी किया गया पुस्तक के सह संपादक श्री धर्मानंद गोजे है और बुक प्रभारी श्रीमती प्रीति शांडिल्य जी है जिनके सहयोग से यह पुस्तक समय पर संपन्न हुई। मुख्य संपादक- के. शारदा
उप-संपादक- धर्मानंद गोजे
भाषा सम्पादन- श्रीमती वसुंधरा गोजे
पुस्तक प्रभारी- प्रीति शांडिल्य
विशेष योगदान- छत्तीसगढ़ राज्य के 39 नवाचारी शिक्षकों द्वारा लेखन में योगदान सुश्री के. शारदा, धर्मानंद गोजे, श्रीमती वसुंधरा गोजे, प्रीति शांडिल्य, चंचला चन्द्रा, महेन्द्र कुमार चन्द्रा, मंजू पाठक, श्रीमती समता सोनी, अनामिका चक्रवर्ती, संतोष कुमार पटेल, सुप्रिया शर्मा, समीक्षा गायकवाड़, खोमन लाल सिन्हा, अमरदीप भोगल, बिसे लाल, परवीनबेबी दिवाकर, डॉ. कृष्णपाल राणा, श्रीमती ममता सिंह, हिम्कल्यानी सिन्हा, वीरेंद्र कुमार, पोषण मारकण्डे, रजनी शर्मा, शिवकुमार बंजारे, सईदा खान, रिंकल बग्गा, लक्ष्मण बांधेकर, देवेंद्र कुमार देवांगन, कलेश्वर साहू, चानी ऐरी, संतोष कुमार कर्ष, रश्मि वर्मा, संतोष कुमार तारक, बलराम नेताम, अनिल कुमार अवस्थी, श्रीमती ब्रजेश्वरी रावटे, यशवंत कुमार पटेल, श्याम सोनी,श्रीमती ज्योति सराफ शामिल है!





