गजसिंहपुर,(यश कुमार)। नगर पालिका गजसिंहपुर में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों की साधारण बैठक के बाद उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब नगरपालिका परिसर में बने रेस्ट हाउस पर ताला लगा मिला। अध्यक्ष एवं पार्षदों ने रेस्ट हाउस के उपयोग एवं उस पर ताला लगाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए। जानकारी के अनुसार नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल सहित पार्षदों की साधारण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शहर के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद पार्षदों ने नगरपालिका में कौन-कौन से कार्य कहां होते हैं तथा अधिकारियों के कार्यालय एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। इसी दौरान नगरपालिका परिसर में बने रेस्ट हाउस को देखा गया तो उसके मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। इस पर नगरपालिका अध्यक्ष ने ईओ से बातचीत की तो बताया गया कि रेस्ट हाउस की चाबी उनके पास है। वहीं, बताया गया कि ईओ का कार्यालय खुला हुआ था, ऐसे में रेस्ट हाउस पर ताला लगाए जाने को लेकर अध्यक्ष एवं पार्षदों ने नाराजगी जताई। पार्षदों का सवाल था कि यदि रेस्ट हाउस में सामान्य नगरपालिका से संबंधित व्यवस्था है तो उस पर ताला लगाने और उसकी चाबी अपने पास रखने की आवश्यकता क्यों पड़ी? आखिर रेस्ट हाउस में ऐसा क्या था कि उस पर ताला लगाया गया और चाबी साथ ले जाई गई हालांकि रेस्ट हाउस में किसी विशेष वस्तु या सामग्री के रखे होने की पुष्टि सामने नहीं आई है मामले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष संदीप पेड़ीवाल सहित पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए रेस्ट हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया। पार्षदों ने रेस्ट हाउस खोलने तथा पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। धरने के दौरान नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा होती रही। अध्यक्ष एवं पार्षदों का कहना था कि नगरपालिका की संपत्ति और सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता रहनी चाहिए तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। समाचार लिखे जाने तक नगरपालिका रेस्ट हाउस के बाहर अध्यक्ष एवं पार्षदों का धरना जारी था। अब देखने वाली बात होगी कि रेस्ट हाउस पर ताला लगाने के पीछे नगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या कारण बताया जाता है और चाबी अपने पास रखने को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।
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