जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब बिना अनुमति फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करना आसान नहीं होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश के साथ विद्यार्थियों और स्कूल की गतिविधियों की फोटो, वीडियो, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा लाइव स्ट्रीमिंग के लिए संस्था प्रधान की पूर्व लिखित अनुमति जरूरी होगी। निर्देशों के अनुसार बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्कूल में आने वाले व्यक्ति को विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान, शौचालय या विद्यार्थियों से जुड़े क्षेत्रों में जाने के लिए भी स्कूल प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी।
बच्चों की निजता और सुरक्षा का हवाला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि सरकार ने मीडिया पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। उनका कहना है कि नाबालिग बच्चों की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में फोटो-वीडियो या बच्चों से बातचीत के लिए अनुमति की व्यवस्था की गई है। मंत्री के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को बिना उद्देश्य और बिना अनुमति स्कूल में आकर बच्चों से बातचीत या उनका इंटरव्यू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
*बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने पर कार्रवाई*
निर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है, परिसर छोड़ने से इनकार करता है, बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने का प्रयास करता है या स्कूल के कामकाज में बाधा डालता है, तो संस्था प्रधान स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दे सकते हैं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
*आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद*
सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि यदि मीडिया को स्कूलों की जमीनी स्थिति देखने और रिकॉर्ड करने के लिए अनुमति पर निर्भर रहना पड़ेगा, तो बदहाल स्कूल भवन, शिक्षकों की कमी या अन्य समस्याओं की रिपोर्टिंग प्रभावित हो सकती है। वहीं सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य मीडिया की स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं,बल्कि विद्यार्थियों की निजता, गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यानी साफ शब्दों में राजस्थान के सरकारी स्कूलों में फोटो और वीडियो पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन बिना पूर्व अनुमति फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाई गई है।
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