जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि मजबूत संसदीय लोकतंत्र, सुशासन और जनभागीदारी ही किसी प्रदेश के स्थायी विकास की आधारशिला होते हैं। राजस्थान आज अपनी ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों, युवा शक्ति और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के आधार पर विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विधान सभा जन आकांक्षाओं के समाधान का प्लेटफार्म है। सदन में सार्थक बहस हो। गतिरोध नहीं होना चाहिए। मीडिया को भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। श्री देवनानी गुरुवार को जयपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित एनडीटीवी इमर्जिंग राजस्थान : ‘जल से समृद्धि’ राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कॉन्क्लेव में “संसदीय लोकतंत्र और राजस्थान का विकास” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। श्री देवनानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। श्री देवनानी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले संस्थाओं का सम्मान किया। श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र चुनाव की प्रक्रिया न होकर जनता की आकांक्षाओं को नीति और विकास में परिवर्तित करने की सतत व्यवस्था है। विधानसभा जनता की आवाज का सर्वोच्च मंच है। यहां संवाद, चर्चा और विमर्श के माध्यम से प्रदेश के भविष्य की दिशा तय होती है। राजस्थान ने सदियों से विषम परिस्थितियों में भी विकास और जीवन की राह बनाई है। जल संकट को चुनौती के रूप में नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखते हुए प्रदेश ने जल संरक्षण, जल प्रबंधन और आधुनिक जल परियोजनाओं के माध्यम से नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। श्री देवनानी ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत संस्थाएं और प्रभावी शासन व्यवस्था आवश्यक है। पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित प्रशासन निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है और विकास को स्थायी आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की युवा शक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर राजस्थान को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जा सकता है। विधान सभा को लोगों से जोडने का प्रयास निरन्तर जारी है। अब तक विधान सभा संग्रहालय को पचास हजार लोगों ने देख लिया है।
श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान संघर्ष, संकल्प और संभावनाओं की भूमि है। इस प्रदेश ने सदियों से विपरीत परिस्थितियों में भी विकास की राह बनाई है। यहां की धरती ने अभावों को अवसरों में बदलने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लिए जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं बल्कि जीवन, कृषि, उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास का आधार है। जल की एक-एक बूंद राजस्थान के भविष्य की नींव मजबूत कर सकती है। जल सुरक्षा से किसान का विश्वास बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और उद्योगों को नई गति मिलेगी। श्री देवनानी ने यमुना जल समझौते पर केन्द्र और दोनों राज्यों सरकारों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने एनडीटीवी द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच विकास के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं को एक साथ संवाद का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और मीडिया जगत के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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