✍️ लोकहित एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़
गरियाबंद _जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नाहरगांव से कोसमबुड़ा मार्ग के बीच स्थित छेवासी नाला उफान पर है तेज बहाव के बावजूद कुछ युवक नाले में छलांग लगाकर जानलेवा स्टंट करते नजर आ रहे हैं हैरानी की बात यह है कि इस संवेदनशील स्थान पर अब तक प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।नाले के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही लोगों को रोकने के लिए किसी कर्मचारी की तैनाती की गई है। ऐसे में युवक बेखौफ होकर बहते पानी में उतर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।मजाक नहीं, जान का सवालविशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऊपर से आने वाले पानी का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में कुछ सेकंड का रोमांच या सोशल मीडिया के लिए बनाया गया एक वीडियो पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। तेज धारा में फंसने के बाद बाहर निकल पाना बेहद कठिन होता है और कई बार अच्छे तैराक भी बहाव के आगे बेबस हो जाते हैं।हर साल दोहराई जाती है लापरवाहीस्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में इस स्थान पर हर साल युवक नहाने और स्टंट करने पहुंचते हैं। बावजूद इसके अब तक यहां स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल बैरिकेडिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस या राजस्व अमले की निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से पहले हालात पर काबू पाया जा सके।बारिश में बढ़े हादसों का खतरागरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से कई नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे समय में बहते पानी में उतरना या स्टंट करना गंभीर खतरे को न्योता देना है। प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है, लेकिन कुछ लोग लापरवाही से अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।छत्तीसगढ़ न्यूज की अपीलबरसात के मौसम में उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें। कुछ मिनटों का रोमांच आपके परिवार की जिंदगीभर की पीड़ा बन सकता है। सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।


कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।


