महाप्रभु जगन्नाथ के दरबार में नतमस्तक हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल, अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा को बताया छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
July 27th, 2026 | Post by :- | 35 Views

✍️ लोकहित एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़ 

गरियाबंद _छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को गरियाबंद जिले के अमलीपदर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ के ऐतिहासिक मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण में उन्होंने महाप्रभु के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

पूजा-अर्चना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। भगवान श्री जगन्नाथ का संदेश सभी को साथ लेकर चलने, मानवता, सेवा और लोककल्याण का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रार्थना की कि महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर सदैव बना रहे और सभी के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार हो।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री जगन्नाथ रथयात्रा महापर्व को जनआस्था का अद्भुत उत्सव बताते हुए कहा कि यह पर्व समाज को एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी महाप्रभु के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

मंदिर प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के आचार्य एवं कथावाचक युवराज पांडेय से आत्मीय मुलाकात की। दोनों के बीच धार्मिक परंपराओं, सनातन संस्कृति और अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा की गौरवशाली विरासत पर विस्तार से चर्चा हुई। बघेल ने मंदिर की धार्मिक गतिविधियों और समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने में आचार्य युवराज पांडेय के योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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