सर्वेश्वर महादेव मंदिर परसोंलिया में 77 बटुकों का उपनयन संस्कार
February 14th, 2020 | Post by :- | 59 Views

कुशलगढ़ बांसवाड़ा अरुण जोशी

सर्वेश्वरमहादेवमंदिर परसोलिया माही किनारे चारों वेदों की ऋचाओ कि गूंज तथा संतों की उपस्थिति के बीच पहली बार सर्व ब्राह्मण समाज के उपनयन संस्कार का आयोजन हुआ। इस विराट धार्मिक एवं सांस्कृतिक समागम में देश भर से आए विप्र बंधुओं ने भाग लिया। सहस्त्र औदिच्य ब्राह्मण समाज जिला शाखा के तत्वाधान में आयोजित लघु विप्र महाकुंभ मैं अखिल भारतीय औदिच्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव नारायण पटेल ने कहा कि सामूहिक कार्यक्रम वर्तमान समय को आवश्यकता है। समाज की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता के लिए इस तरह के आयोजन निरंतर आवश्यक है। अध्यक्षता करते हुए गुरु आश्रम के महंत घनश्याम दास ने बटुको को आशीर्वाद देते हुए कहा कि श्रेष्ठ कर्म कर समाज के लिए उपयोगी बने। उपनयन संस्कार एक महत्वपूर्ण संस्कार है। इसका जीवन में पालन करें। विशेष अतिथि गौ भक्त संत रघुवीर दास जी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या करते हुए कहा कि यह वेदों का मूल है। इसकी महिमा अपरंपार है। यज्ञोपवीत के चार वेदों के अध्ययन तथा यज्ञ करने का अधिकार प्राप्त होता है। इसलिए शास्त्र इसका महत्व बताया गया है। आरंभ में सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पूर्व विधायक रमेश चंद्र पंडया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सर्व ब्राह्मण समाज का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार सभी के सहयोग से सफल हुआ है। यह शुरुआत है आने वाले समय में समाज सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने शिव मंदिर के निर्माण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि 36 कोम का सहयोग प्राप्त हो रहा है। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत संयोजक डॉ दिनेश भट्ट,जमुनालाल भट्ट बालूभाई त्रिवेदी,अशोक पाठक मनोहरलाल जोशी,वरिष्ठ समाजसेवी जयंतीलाल भट्ट,एडवोकेट लक्ष्मीकांत त्रिवेदी,हितेश रावल,शंकरलाल त्रिवेदी,तुलसीराम जोशी,पंडित इंद्रशंकर झा,पंडित लक्ष्मी नारायण शुक्ला,पंडित हर्षवर्धन व्याससहित ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक भामाशाह तथा पत्रकारों का शाल ओढ़ाकर तथा माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। संचालन डॉक्टर पीयूष पंडया,डॉ दीपक द्विवेदी व मनोहर जोशी ने किया। 108 विप्रो की वैदिक ऋचाओ के साथ समवेत गान से गूंजा पांडाल कार्यक्रम में पंडित कुलदीप शुक्ला के आचार्य तो में 108 ब्राह्मणों ने समवेत स्वरों में वैदिक विचारों का गान किया तथा पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध भाव से सुनते रहे। इस अवसर पर सहायक आचार्य पंडित जानकी वल्लभ शुक्ला,पंडित मिथिलेश शुक्ला,पंडित राकेश शुक्ला,पंडित कीर्तेश भट्ट पंडित अनिल भट्ट पंडित शैलेंद्र भट्ट ने धार्मिक अनुष्ठान में सहयोग प्रदान किया। प्रोफेसर कुंज बिहारी जोशी,पंडित भगवती शंकर व्यास,विप्र फाउंडेशन के अध्यक्ष योगेश जोशी हेमेंद्र पंड्या ,राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के हेमेंद्रनाथ पुरोहित,अरुण जोशी,ओम प्रकाश जोशी,नरेश त्रिवेदी परशुराम सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन कौशिक,विश्व हिंदू परिषद के जिला महामंत्री बादल भट्ट सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रमुख आचार्य पंडित कुलदीप शुक्ला ने बताया कि विप्र बंधुओं द्वारा गणेश मातृका पूजन गायत्री पूजा ग्रह शांति पूर्णाहुति संस्कार नामकरण संस्कार निष्क्रमण संस्कार अन्यप्राशन संस्कार उपनयन संस्कार गायत्री मंत्र दीक्षा संस्कार विधि पूर्वक संपन्न किए। अंत में विश्व कल्याण की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। बटुको को काशी दौड़ में दिखा उत्साह, मंदिर में अनवरत बजती रही घंटी, सर्वेश्वर महादेव गायत्री माता के गूंजे जयकारे, और इस अवसर पर पार्किंग,जल व्यवस्था,चिकित्सा व्यवस्था,नदी घाट सुरक्षा व्यवस्था,पूजा व्यवस्था स्वागत सहित विभिन्न कार्यक्रमों में 225 समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम ने कमान संभाल कर विशाल आयोजन को सुव्यवस्थित संपादित किया। हजारों लोगों ने महाप्रसाद व्यवस्था में अनुशासन का परिचय दिया।