वरुण पथ मानसरोवर जैन मंदिर में दो दिवसीय समारोह: नवीन कमल वेदी की होगी स्थापना
October 11th, 2019 | Post by :- | 10 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी के सबसे प्राचीन एवं विशाल दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य शिरोमणी विद्या सागर महाराज के शिष्य निर्यापक मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज के मंगल निर्देशन एवं पावन आशीर्वाद व गणाचार्य विराग सागर महाराज के शिष्य मुनि विश्वास सागर महाराज और मुनि विभंजन सागर महाराज ससंघ सानिध्य में शनिवार 12 अक्टूबर से दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ होगा। प्रचार संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि दो दिवसीय समारोह का आगाज प्रथम दिन शनिवार को प्रातः 6 बजे से मूलनायक महावीर भगवान के कलशाभिषेक और शांतिधारा के आयोजन के साथ प्रातः 7.30 बजे जिनालय की तीनों वेदियों पर 128 रजत चवर एवं मंदिर जी मे विराजमान भगवान पदमप्रभ और भगवान मुनिसुव्रतनाथ की जिन बिम्ब प्रतिमाओं को नवीन कमल वेदियों पर शुद्धि संस्कार क्रिया विधि के साथ स्थापित कर श्रीजी को विराजमान किया जाएगा। जिसके साथ ही प्रातः 8.30 बजे से मंदिर में विराजमान युगल मुनिराज के मंगल उद्बोधन सम्पन्न होंगे। मंत्री जे के जैन ने बताया कि दो दिवसीय समारोह का मुख्य आयोजन रविवार 13 अक्टूबर को होगा जिसकी मांगलिक शुरुआत प्रातः 6 बजे युगल मुनिराज ससंघ सानिध्य एवं मुखारविंद मूलनायक महावीर भगवान के कलशाभिषेक सहित मंदिर जी की तीनों प्रमुख वेदियों पर विराजमान श्रीजी की वृहद शांतिधारा के भव्य आयोजन के साथ होगा। जिसके पश्चात प्रातः 9.15 बजे सर्वाषिधि योग के शुभ मुर्हत में “सुधा सागर संत भवन” के विस्तार और नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास होगा जिसमें मुनि विश्वास सागर महाराज एवं मुनि विभंजन सागर महाराज ससंघ सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रधुम्न शास्त्री के निर्देशन में सभी पुण्यार्जक परिवारों द्वारा स्वर्ण,रजत,ताम्र और रजत जड़ित शिलाओं को स्थापित कर नए संत भवन का शिलान्यास मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ करेंगे। इस दौरान समाज के विभिन्न गणमान्य श्रेष्ठिगणों सहित वरुण पथ जैन समाज,मानसरोवर जैन समाज सहित जयपुर का जैन समाज बड़ी संख्या में इस आयोजन में भाग लेगा। अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि रविवार को ही मंदिर के तीनों प्रमुख शिखरों पर भी श्रृंगार कार्य का शिलान्यास पुण्यार्जक परिवारों द्वारा किया जाएगा। जिसके अंतर्गत तीनों शिखरों पर गुलाबी पत्थर से श्रृंगार किया जाएगा जिसके बाद वरुण पथ जैन मंदिर गुलाबी नगरी की तरह पूरा गुलाबी रंग के पत्थरों का हो जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर समिति 1 करोड़ से भी अधिक राशि से नवीन शिलान्यास कार्य का शुभारंभ कर रही है जिसमे संत भवन के प्रथम और द्वितीय तल पर विस्तार कार्य होगा और तृतीय और चौथे तल का नवनिर्माण संपन्न होगा। नवनिर्माण के दौरान संत भवन में 16 कमरों सहित भव्य टेरेस का भी निर्माण किया जा रहा है साथ ही साधु-संतों के आहार के लिए “आहार कक्ष”,ध्यान केंद्र,संतो के ठहरने एवं यात्रियों के रुकने की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जिनका शिलान्यास रविवार को भव्य समारोह के अंतर्गत सम्पन्न होगा।