बद्दी के मशहूर अस्पताल से हुई बहुत बड़ी भुल । लालच या लापरवाही ???
October 11th, 2019 | Post by :- | 589 Views

बद्दी । राज कश्यप

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में एक प्राइवेट अस्पताल द्वारा हेराफेरी का मामला सामने आया है। 32 वर्षीय निशा बलोतरा w/o संजय बलोतरा निवासी ओमेकस बद्दी को गुप्ता अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि आपकी किडनी में 18MM की पथरी है जिसका तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा नहीं तो समस्या बढ़ सकती है। लेकिन जब निशाने चंडीगढ़ से दूसरे अस्पताल में जांच करवाई तो पता चला कि किडनी में पथरी है ही नहीं।
बद्दी के निवासी संजय ने बताया कि उनकी पत्नी निशा के पेट में दर्द के चलते पिछले 1 महीने से गुप्ता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था तथा गुप्ता अस्पताल की ओर से उन्हें एंटीबायोटिक दवाइयां दी गई थी, लेकिन 3 दिन पहले जब निशा के पेट में दर्द अधिक बढ़ गया तो वह फिर उन्हें गुप्ता अस्पताल लेकर गए तो अस्पताल वालों ने अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे करके बताया कि आपकी पत्नी के किडनी में 18MM की पथरी है जिसका तुरंत ऑपरेशन किया जाना बहुत जरूरी है। आप ₹35000 जमा करवाइए और हम तुरंत ऑपरेशन कर देते हैं। ऑपरेशन लेजर तकनीक के द्वारा किया जाएगा जिसमें ना तो कोई चीरा लगाया जाएगा ना ही किसी प्रकार के टांके लगेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने अस्पताल से सोचने के लिए कुछ समय मांगा और घर आ गए, और एक मित्र की सलाह पर चंडीगढ़ के कपूर किडनी अस्पताल में रायशुमारी के लिए गए। लेकिन चंडीगढ़ में जब उनकी पत्नी का एमआरआई स्कैन करवाया गया तो उसमें पता चला कि किडनी में 18MM तो दूर 1MM की पथरी नहीं है।
संजय ने कहा है कि कुछ वर्ष पहले जब उनकी पत्नी गर्भवती थी तब 3 माह की गर्भावस्था के बाद इसी गुप्ता अस्पताल में उन्हें सलाह दी थी की आपके बच्चे की डेवलपमेंट ठीक नहीं है इसे गिरा दिया जाए, और उनकी राय पर उन्होंने बच्चा गिरा दिया। संजय ने कहा कि अब उन्हें पछतावा हो रहा है कि उस समय भी उन्हें एक बार कहीं और रायशुमारी कर लेनी चाहिए थी, हो सकता है उस समय भी गुप्ता अस्पताल द्वारा तुरंत ऑपरेशन कर पैसे बनाने के लिए उन्हें ऐसा करने के लिए कह दिया गया हो।
उन्होंने कहा कि मेरे और मेरी पत्नी के साथ जो हुआ सो हुआ, लेकिन किसी और के साथ भविष्य में ऐसा ना हो इसलिए मैंने फेसबुक पर गुप्ता अस्पताल की करतूत को वायरल किया है। ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे डॉक्टरों और उनके स्थानों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।