जगाधरी में त्रिकोणीय मुकाबले की प्रबल संभावना
October 11th, 2019 | Post by :- | 17 Views

यमुनानगर (सुरेश अंसल)। हल्का जगाधरी में चुनाव प्रचार जोरों पर है। विधानसभा के अंतर्गत दो उपतहसील छछरौली व प्रतापनगर व पांच थाने जगाधरी, सदर जगाधरी, बुढ़िया, छछरौली, प्रतापनगर इसके अंतर्गत आते है। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल एक लाख पंचानवे हजार पांच सौ पंद्रह (195515) वोटर हैं। इसमे दो उपतहसील इसमे एक लाख पांच हजार सात सौ पचासी वही महिला वोटरों की संख्या उन्यासी हजार सात सौ तीस है। अगर 2014 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो यह सीट बीजेपी ने जीत हासिल की थी। जिसमे कंवरपाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंधि बसपा के अकरम खान को 34156 वोटों के बड़े अंतराल से हराया था। समय के चक्र के साथ साथ अब समीकरण भी बदलने के आसार लगने लगे हैं। देखते हैं जनता के हाथ की उंगली किसकी जीत की ओर इशारा करती है। बात भविष्य के गर्भ में छिपी है। जो 24 अक्टूबर को बाहर निकलेगी।
कंवरपाल गुज्जर- एक ओर सत्ताधारी पार्टी व मौजूदा बीजपी विधायक कंवरपाल गुज्जर गांव गांव में जाकर अपने व पार्टी के लिए वोट की अपील कर रहे हैं। पार्टी के पास कर्मठ कार्यकर्ताओं का अंबार है। इसके भी कंवर पल को बहुत लाभ मिल रहा है। बीजेपी का वोट बैंक जगाधरी शहर में गड़ माना जाता है । यहाँ का आरएसएस काडर पार्टी को भीतर से मजबूती प्रदान करता है। जो कि बड़ा फेर बदल करने में सक्षम हैं। पार्टी के नेता पिछले पांच सालों में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को लोगों को बताते हुए वोट मांग रहे हैं।
अकरम खान- वही कांग्रेस पार्टी भी अपने प्रचार में कोई कसर नही छोड़ रही है। कांग्रेस को 36 बिरादरी की पार्टी माना जाता है। अकरम खान की मुस्लिस  बरादरी में अच्छी खासी पकड़ है। बताया तो यह भी जाता है अकरम खान की वोटों की गिनती ही बीस हजार से शुरू होती है। यही कारण है कि घाड़ क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है। अकरम खान का अपना कार्यकर्ताओं का काडर है। उन्हें भी किसी भी मामले में कम नही आंका जा सकता। पार्टी कई खेमो में बटने के कारण भीतर घात कहि न कही नुकसान पहुचा सकता है।
आदर्श पाल- बसपा को  भी कहि कम नही आंका जा सकता। 2014 के विधानसभा चुनाव में बसपा दूसरे नम्बर पर रहने में सफल रही थी। क्योंकि अगर पिछले चुनावों की बात की जाए। तो बसपा का वोट बैंक इस हल्के में बहुत अधिक है। जिनका दूसरी पार्टी की ओर झुकाव करवा पानालगभग नामुमकिन होता है। इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कि दो बार इस हल्के से दो बार विधायक बसपा के खाते में आ चुके है। इसमें अकरम खान सन 2000 व 2005 में छछरौली से विधायक रह चुके अर्जुन सिंह   मौजूदा समय मे  जगाधरी इलेक्शन लड़ रहे हैं। उधर कांग्रेस से नाराज होकर पार्टी छोड़ चुके पूर्व विधायक सुभाष चौधरी भी आदर्श पाल के समर्थन में आ गए हैं। उनके बसपा को सपोर्ट में उतरने से कांग्रेस में भी बड़ा झटका लगते ही आदर्श पाल को ओर भी मजबूती मिली है। 
अर्जुन सिंह- जननायक जनता पार्टी के अर्जुन सिंह पूर्व में विधायक रह चुके एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। इन्होंने पहले 2005 में छछरौली विधानसभा से बसपा से चुनाव जीता था। इनैलो से अलग होकर बनी इस पार्टी का भी अपना ही अलग जनाधार है। अर्जुन सिंह भी पार्टी व अपनी जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। अर्जुन सिंह की गिनती बड़े गुर्जर नेताओं में होती है। विस क्षेत्र का असतित्व खत्म हो गया। इसका ज्यादातर हिस्सा जगाधरी विस क्षेत्र में शामिल हो गया था। अर्जुन सिंह ने जजपा में विस्वास रखते हुए पार्टी जॉइन की। ओर इस समय जजपा की वोटों के लिए दिन रात एक किये हुए है।