घर पर ही बैठकर पब्लिसिटी की कमान संभाल रहे हैं रॉकी मित्तल 
March 25th, 2020 | Post by :- | 57 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) कोरोना संकट के समय भी हरियाणा स्पेशल पब्लिसिटी सेल के चेयरमैन रॉकी मित्तल पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया के सभी स्रोतों के जरिए रॉकी मित्तल हरियाणा समेत पूरे भारतवर्ष के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरुकता अभियान चला रहे हैं। रॉकी मित्तल ने कोरोना से बचाव के चलते अपनी गाड़ी, बॉडीगार्ड और ड्राइवर को भी छुट्टी दे दी है और घर से ही काम करने में लगे हुए हैं। रॉकी मित्तल का कहना है कि वास्तव में यह समय है कि हमें ना सिर्फ लोगों के बीच में जागरुकता फैलानी है बल्कि लोगों को सामने मिसाल भी पैदा करनी है कि किस तरह से घर पर बैठ कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह किया जाए। इसके साथ ही रॉकी मित्तल ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया का दुरुप्रयोग नहीं करना चाहिए और किसी भी तरह की अफवाह और बेवजह के मजाक को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।

रॉकी मित्तल ने कहा जब अमेरिका और इटली जैसे विकसित देश जहां पर मेडिकल सुविधाएं जबर्दस्त थी, वहां पर प्रशासन ने कोरोना संकट के सामने घुटने टेक दिए और इटली के प्रधानमंत्री ने रो रोकर बयान दिया कि हम भगवान के भरोसे हैं तो आप अंदाजा लगा लिजिए कि अगर भारत में यह वायरस अपने चरम पर पहुंच गया तो यहां पर क्या हाल होगा। रॉकी मित्तल कोरोना संकट में जागरुकता के लिए अपने घर से ही रोजना पांच से आठ पोस्टर जारी कर रहे हैं और उसे सोशल मीडिया में डालकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं।

इसके साथ ही रॉकी मित्तल ने कहा कि इस संकट की घड़ी में हमें अपने ईश्वर को नहीं भूलना चाहिए क्योंकि जिन देशों में दुनिया की सबसे बेहतरीन मेडिकल फेसलिटी थी वो ही अब भगवान को ही याद कर रहे है। हमें अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ ही भगवान का स्मरण व प्रार्थना करना नहीं भूलना चाहिए। इसके लिए मंगलवार को रॉकी मित्तल ने हवन का भी आयोजन किया है और सुबह दो घंटा हवन किया। रॉकी मित्तल का कहना कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है और हवा में जो भी नकारात्मक कण है वो समाप्त होते हैं।

रॉकी मित्तल ने बताया कि अमेरिका में इस संकट की घड़ी में गायत्री मंत्र का उच्चारण किया जा रहा है और अगर भारत में कोई ऐसा कर देता है तो उसका मजाक उड़ाया जाता है। वास्तव में हम अपनी संस्कृति की शक्ति को समझ नहीं पाए हैं, विदेशियों को हमारी संस्कृति और मंत्रों की शक्ति का अहसास हो रहा है। यह बहुत जरुरी है कि हम अपने अपने घर में रहकर अपने ईश्वर से इस भयावह महामारी को जड़ से समाप्त करने की प्रार्थना करें। प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है।

रॉकी मित्तल ने बताया कि कोरोना के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं।  संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है। खासतौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है। इससे बचने के लिए समय समय पर हाथों को साबुन से धोना चाहिए। घर पर ही रहे। लॉक डाउन का पालन करें। अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें।