जनप्रतिनिधि से बात करने को राजी नही जिला प्रशासक तो फिर कैसे पहुंचेगी लोगों तक मूलभूत जरूरतें – प्रदीप चौधरी
March 26th, 2020 | Post by :- | 89 Views

कहा-पीडि़त लोग उन्हें बता रहे समस्या, मवेशियों का चारा हुआ खत्म और लोगों तक नही पहुंच रहा भोजन, ऐसे लोगों की मदद करने में गंभीरता उठाएं प्रशासन

कालका (रोहित शर्मा) । विधायक प्रदीप चौधरी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों लॉकडाउन के बाद कई समस्याओं से जुझ रहे है परंतु प्रशासन लोगों की मदद नही कर रहा है। जिसको लेकर जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके पास भी पीडि़त लोगों के फोन आ रहे है और जब इस सबंध में जिला प्रशासक से फोन पर बात की तो उनकी तरफ से सकरात्मक जवाब नही आया और कई घंटे फोन करने के बाद भी कोई रिप्लाई नही आया है। विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि गांवों में मवेशियों के लिए पशु चारा खत्म होता जा रहा है। इन गांवों में (तूड़ी) पंजाब से आती है और ऐसे में लोगों को भूसा (तूड़ी) नही मिल रही है, जिसका शीघ्रता से प्रशासन इंतजाम करें। ऐसे लोग है, जिनके बीपीएल कार्ड नही बने और ऐसे लोगों के लिए खाने-पीने का प्रशासन कोई प्रबंध नही कर रहा है। प्रशासन यदि लोगों को सहयोग देने में असमर्थ है तो फिर ऐसे में हम अपने वॉल्टिंयर्स के साथ जन सेवा करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लें। क्योंकि पोल्ट्री फार्मो में पहले ही मुर्गी दाना खत्म होने से मुर्गियां मर रही है और जिससे लोग परेशान हो रहे है। मक्खियों की समस्या गंभीर रूप धारण कर रही है। प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वो ऐसे माहामारी के वक्त में अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से निभाने का काम करें। यह प्रशासन की गलती है कि सही समय पर लोगों के बीपीएल कार्ड नही बनाएं गए। ऐसे लोग है, जो बेरोजगार है और उनके पास खाने का कोई इंतजाम नही है। ऐसे लोगों के लिए खाने का इंतजाम होना चाहिए।

प्रदीप चौधरी ने कहा कि डीसी को सुबह 10 बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक फोन पर संपर्क कर लोगों को राहत दिलाने की बात करनी चाहिए, लेकिन वो बात नही कर रहे है। उधर हरियाणा मुख्य केसनी आनंद अरोड़ा ने जिला प्रमुखों को आदेश भी दिए है कि आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में कोई परेशानी न आए। माननीय प्रधानमंत्री ने 21 दिन तक लॉकडाउन किया है। शुरूआती दौर में ही प्रशासन दम तोड़ रहा है तो फिर आने वाले वक्त में तो स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। प्रशासनिक रवैये को लेकर सीएमओ ऑफिस में संपर्क किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी बातचीत की जाएगी।