हरियाणा पुलिस की ‘नाॅ योर केस’ योजना को मिल रही सफलता, सितंबर में 20 हजार ने अधिक ने थानों में जाकर ली केस की जानकारी  
November 11th, 2019 | Post by :- | 52 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )  ।   हरियाणा में इस वर्ष ‘नाॅ योर केस’ योजना के तहत पुलिस थानों में केस की प्रगति संबंधी जानकारी लेनेे के लिए आने वाले व्यक्तियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। योजना के तहत, सितंबर माह में लगभग 20,180 लोगों ने पुलिस थानों को दौरा किया जोकि साल 2019 के प्रथम 9 महीनों में सर्वाधिक है।

आज यहां यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि सितंबर माह में 11,670 व्यक्तियों ने विभिन्न पुलिस थानों मे जाकर लंबित शिकायतों की प्रगति बारे तथा 8,510 लोगों ने आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत जिला पलवल में सर्वाधिक 3,101 व्यक्तियों ने शिकायतों व आपराधिक मामलों की प्रगति बारे जानकारी हासिल करने के लिए जांच अधिकारियों या वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।  इसी प्रकार, गुरुग्राम और फरीदाबाद में क्रमशः 2,745 और 2,514 लोगों ने केस स्टेटस के बारे में जानकारी हासिल की।

योजना के अंतर्गत आने वाले व्यक्यिों का महीनेवार ब्योरा देते हुए श्री विर्क ने बताया कि जनवरी माह में  18,887, फरवरी में 18,036, मार्च में 19,396, अप्रैल में 18,350, मई में 13,812, जून में 18,746, जुलाई में 19,462 और अगस्त माह में 19,945 व्यक्तियों ने संबंधित पुलिस स्टेशनों का दौरा कर अपने केस की प्रगति बारे जानकारी हासिल की। उन्होने कहा कि योजना के तहत फुटफॉल में बढौतरी राज्य में पारदर्शी और सार्वजनिक-उन्मुख पुलिसिंग की दिशा में की गई पहल को दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा पुलिस द्वारा कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘नो योर केस’ योजना की शुरूआत की गई थी। इसके तहत, शिकायतकर्ताओं को केस की नवीनतम स्थिति की जानकारी देने के लिए सभी पर्यवेक्षी अधिकारी, स्टेशन हाउस आॅफिसर, जांच अधिकारी और एमएचसी अपने संबंधित पुलिस थानों व युनिटों में उपस्थित होते हैं। योजना के तहत हर महीने का अंतिम शनिवार और रविवार सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच केस की प्रगति जानने के लिए निर्धारित किया गया है। यह प्रक्रिया संबंधित पुलिस उपाधीक्षक की उपस्थिति में अमल में लाई जा रही है। साथ ही, उच्च स्तर पर संबंधित अधिकारियों द्वारा योजना की मासिक समीक्षा भी की जा रही है।