जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने किया पीबीएम हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश।।
October 9th, 2019 | Post by :- | 16 Views

बीकानेर,(मनीष)। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बुधवार को पीबीएम अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौतम ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। जिला कलक्टर ने वार्डों का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया और कहा कि अस्पताल में जो संसाधन है उनका बेहतर उपयोग हो साथ ही मुख्य भवन के विभिन्न क्षेत्रों में खाली पड़े स्थान में साफ-सफाई की जाए और यहां मरीजों के साथ आने वाले व्यक्तियों के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए। अस्पताल में प्रवेश के लिए पास सिस्टम विकसित किया जाए।जिला कलक्टर ने अस्पताल परिसर में बने आईसीयू का निरीक्षण किया, जहां मंगलवार को आधे घंटे तक विद्युत बाधित होने के कारण हुई समस्या के बारे में भी जाना। गौतम ने कहा कि आईसीयू में इस तरह की दिक्कत होना बहुत गंभीर बात है और भविष्य में इस बात का ध्यान रखा जाए कि जैसे ही विद्युत कटौती होती है तो तत्काल आईसीयू में जनरेटर के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जा सके। कुमारपाल गौतम ने विभिन्न वार्डों में बेड पर लगे चद्दर भी देखे और चद्दरों की स्थिति को असंतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि बेडशीट बदलने का कार्य जिस अधिकारी व कर्मचारी के जिम्मे है उसको तत्काल चार्ट शीट दी जाए और कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।उन्होंने प्राचार्य डॉ एचएस कुमार को निर्देश दिए कि बेडशीट सफेद रंग के बजाए ब्लू या ग्रीन अन्य रंगों में ली जाए। जिला कलक्टर ने जनाना अस्पताल के लेबर रूम का निरीक्षण के दौरान बेड पर लगी चद्दर गंदी और फटे हाल होने पर प्राचार्य और अधीक्षक को तुरंत चद्ददर बदलवाने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि एमआरआई मशीन शुक्रवार तक कार्यशील हो जानी चाहिए। साथ ही विभिन्न वार्डों तथा यूनिट्स में जो सोनोग्राफी तथा एक्स रे मशीन लगी है वह भी ठीक से काम करती रहे इसके लिए भी समय-समय पर चिकित्सक जांच कर रिपोर्ट देते रहें। उन्होंने कहा कि ये सभी उपकरण जीवन रक्षक उपकरणों की श्रेणी में आते हैं ऐसे में इनके खराब होते ही तत्काल ठीक हो ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल सभी वार्डों की यूरिनल सुविधा के बाहर चैबीस घंटे एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाएं जो शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को शौचालय उपयोग तथा गंदगी ना फैलाने के बारे में समझाइश करें। वार्ड तक गंदगी और बदबू ना आए इसके लिए नियमित सफाई प्रक्रिया चलती रहे यह सुनिश्चित किया जाए।अस्पताल परिसर के निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर पड़े पुराने सामान को देखकर जिला कलक्टर ने अस्पताल अधीक्षक को कड़े शब्दों में कहा कि इस कबाड़ की नीलामी की जाए ताकि समय पर नीलामी होने से राजस्व मिल सके साथ ही कबाड़ के विभिन्न क्षेत्रों में बरसात का पानी एकत्रित हो गया है इससे सामान तो खराब हो ही रहा है पानी में मच्छर भी पैदा होते हैं।

जिला कलक्टर ने बताया कि पीबीएम अस्पताल में मिलने वाले इलाज में गुणात्मक सुधार लाने और यहां आने वाले रोगियों को बेहतर सुविधा मिले तथा अस्पताल में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों की निगरानी के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति अस्पताल का नियमित भ्रमण कर सभी व्यवस्थाओं को देखेगी। कमेटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2 अधिकारी डॉ प्रदीप के गवांडे तथा अभिषेक सुराना तथा लेखा सेवा का एक वरिष्ठ अधिकारी पवन कस्वां सहित नगर विकास न्यास के अधीक्षण अभियंता होंगे। चारों अधिकारी संयुक्त रूप से भ्रमण करेंगे।

जिला कलक्टर ने इस दौरान अस्पताल परिसर में बने जिरयाट्रिक भवन का भी निरीक्षण किया। गौतम ने प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिए कि इस भवन में मूल तथा अन्य सम्पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो। खाली भवन में किसी दूसरी यूनिट को स्थापित कर दिया जाए ताकि भवन का रखरखाव भी होता रहे और संबंधित यूनिट में भर्ती होने वाले रोगियों को भी बेहतर सुविधा मिल सके । गौतम ने आयुक्त नगर निगम और अभिषेक सुराना तथा कोषाधिकारी के साथ 3 वर्ष पूर्व लोकार्पित हुए जनाना अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टर गवांडे और सुराणा से कहा कि इस भवन में महिला चिकित्सालय को स्थानांतरित करने का कार्य अगले 20 दिन में कराने के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और अन्य जरूरते हैं वह पूर्ण कर ली जाए।

कुमााारपाल गौतम ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ एच एस कुमार को कहा कि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में जो भी यूनिट बने हैं परंतु जिनमें अभी तक इलाज आदि गतिविधियां संचालित नहीं हो रही है, उनके बाहर मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में अतिक्रमण हो गए है। उन्होंने आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल की जाए। यदि अतिक्रमण हटाते समय किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा विरोध किया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध राजकार्य में बाधा डालने की एफ आई आर दर्ज करवाई जाए। इस दौरान प्रदीप के गवांडे, अभिषेक सुराना, कोषाधिकारी पवन कस्वां, प्राचार्य एसपी मेडिकल कॉलेज डॉ एच एस कुमार, अस्पताल अधीक्षक पी के बेरवाल सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक मौजूद थे।