शहीद सर्बजीत सिंह कलसी के शहीदी दिवस पर लाईब्रेरी का उद्धाटन
March 13th, 2018 | Post by :- | 12 Views
नीलोखेडी 13 मार्च (राजिन्द्र मिडडा)
राजकीय वरिठ माध्यमिक विद्यालय में शहीद सर्बजीत सिंह कलसी के शहीदी दिवस पर केन्द्र सरकार के आदेशानुसार सीआईएसएफ पानीपत यूनिट के सौजन्य से एक समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कमाण्डर एच एस उप्पल,सहायक कमांडर विजय कुमार तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी एव प्रधानाचार्य धर्मपाल ने शिरक्त की। समारोह में शहीद सर्बजीत के माता गुलजारी देवी व पिता बलाराम को सम्मानित किया गया। विद्यालय में शहीद के नाम पर लाईब्रेरी का उद्धाटन किया गया। मंच का संचालन सहायक कंमाडो विजय कुमार ने किया।
        कमाण्डर एच एस उप्पल ने बच्चों को देश भक्ति की भावना भरते हुए कहा कि देश पर मर मिटने वाले शहीदों की कुर्बानी को कभी भूलाया नही जा सकता। हमें शहीदों को जन्म देने वाले माता पिता का ऋणी होना चाहिए और उन्हे शत शत नमन करना चाहिए। उन्होने शहीद सर्बजीत सिंह की शहादत को याद करते हुए बताया कि सर्बजीत की पोस्टिंग सीआईएस उडीसा के नालकोदारमन जोडी में हुई जोकि ऐशिया की सबसे बडी मैग्जीन थी जिसमें अस्ले का जखीरा का स्टाक किया जाता है। उनकी सुरक्षा के लिए सीआई एसएफ की टुकडी को तैनात किया गया था,जोकि एक नक्लसियों का इलाका माना जाता है। जिसमें कलसी गांव के सर्बजीत सिंह की भी तैनाती हुई थी। 12 अप्रैल 2009 में 200 से 300 नक्लसियों ने इस पोस्ट पर अचानक हमला बोल दिया। वहां पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने नक्सलियों का डट कर सामना किया। इस हमले में सीआई एफ के 11 जवान शहीद हो गए व 15 वीर जवान बुरी तरह से घायल हो गए। लेकिन बचे हुए जवानों ने नक्सलियों के मंसाूबों को कतई कामयाब नही होने दिया और डट कर मुकाबला किया। भारत के इतिहास में आज तक की यह एकमात्र घटना है जिसमें नक्सलियों को अपने साथियों के शवों को छोड कर भागना पड गया था। आधुनिक तकनीक से लैस हथियारों से लैस नक्सलियों से लडते हुए कलसी गांव के सर्बजीत शहीद हो गए। उसकी याद में केन्द्र सरकार के निर्देश पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शहीद सर्बजीत सिंह पुस्ताकालय का उद्धाटन किया गया। प्रिंसीपल ने कहा कि सैनिक देश की धरोवर होते है, उनकी शहदत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने स्कूली विद्यार्थीयों से भी कहा कि वह शिक्षा के साथ-2 देश सेवा के कार्य में भी जुट जाएं। इस अवसर पर कलसी गांव का सरपंच अनिल कुमार, गुरमीत सिंह, दयाराम, अध्यापक रामफल, अरूण शर्मा, मीनाक्षी चौधरी, गरीश आनंतराम, अंजू मान, पुरूषोतम शर्मा, जय भगवान अत्री, राजपाल प्रेमी उपस्थ्ति थे ।
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शहीद की माता गुलजारी देवी ने रोते हुए उपस्थित अधिकारियों से अपील की कि वह हर रोज अपने शहीद बेटे के स्मारक पर जाती है उसका दिल अन्दर से रोता है वह देखती है कि स्मारक के चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। वह ऐसा मानती है कि उसका बेटा वहीं रहता है लेकिन वहां पडी हुई गंदगी को साफ करने वाला कोई नही है।