राजस्थान आवासन मण्डल की अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई (42 बीघा 10 बिस्वा बेशकीमती भूमि अतिक्रमण मुक्त)
जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । माननीय उच्च न्यायालय, जयपुर के आदेशों की पालना में राजस्थान आवासन मण्डल ने बड़ी एवं निर्णायक कार्रवाई करते हुए टोंक रोड स्थित कृष्णा कुंज, बी-2 बाईपास, ग्राम चैनपुरा एवं दुर्गापुरा की 42 बीघा 10 बिस्वा बेशकीमती अवाप्तशुदा भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराकर पुनः कब्जा प्राप्त किया।
मण्डल सचिव श्री गोपाल सिंह शेखावत के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के सहयोग से हुई इस व्यापक कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध कब्जे हटाए गए तथा भूमि पर मण्डल की संपत्ति संबंधी बोर्ड स्थापित किए गए। श्री शेखावत ने बताया कि ग्राम चैनपुरा स्थित खसरा संख्या 7, 15 से 24, 26 से 31 तथा दुर्गापुरा स्थित खसरा संख्या 265 से 270 तक की कुल 42 बीघा 10 बिस्वा भूमि मण्डल की अवाप्तशुदा संपत्ति है। इस भूमि की अवाप्ति अधिसूचना 10 जनवरी 1990 को जारी की गई थी तथा 5 दिसंबर 1991 को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा अवार्ड जारी होने के बाद मण्डल ने विधिवत कब्जा प्राप्त कर लिया था। इसके बावजूद खातेदारों द्वारा कथित रूप से अवैध इकरारनामों के माध्यम से भूमि को जवाहर गृह निर्माण सहकारी समिति को बेचान कर दिया गया। बाद में समिति द्वारा “श्रीराम कॉलोनी” के नाम से अवैध पट्टे जारी किए गए। प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने 9 अप्रैल 2026 को राजस्थान आवासन मण्डल की रिट याचिका संख्या 15576/2019 को स्वीकार करते हुए श्रीराम कॉलोनी एवं अन्य पक्षकारों की याचिकाएं खारिज कर दीं तथा सोसायटी द्वारा किए गए इकरारनामों को शून्य घोषित कर दिया। इसके विरुद्ध दायर अपीलों में प्रारंभिक स्थगन आदेश पारित किया गया था, जिसे बाद में माननीय उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने 18 मई 2026 को पारित आदेश के परिप्रेक्ष्य में अतिक्रमण हटाने हेतु विमोचित कर दिया। इसके बाद मण्डल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस अवसर पर मुख्य अभियन्ता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य सम्पदा प्रबन्धक श्री अशोक कुमार, समस्त उप आवासन आयुक्त, आवासीय अभियन्ता, वरिष्ठ विधि अधिकारी, राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री गोहन सिंह, महामंत्री श्री रमेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री गोविन्द नाटाणी सहित जयपुर स्थित कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




