राजस्थान

(राजस्थान की राजनीति में बड़ा भूचाल) पूर्व मंत्री महेश जोशी सुबह तड़के गिरफ्तार, JJM घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान की राजनीति में गुरुवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले मामले में गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) सुबह करीब 4 से 5 बजे जयपुर स्थित उनके आवास पहुंची और पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब 900 से 960 करोड़ रुपये के कथित जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ कंपनियों को फर्जी दस्तावेज और अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर करोड़ों रुपये के टेंडर दिलाए गए। इस पूरे मामले में तत्कालीन मंत्री रहते हुए महेश जोशी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।
*क्या है पूरा मामला?*
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल से पानी पहुंचाना है। आरोप है कि इस योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं की गईं। जांच में सामने आया कि “श्री गणपति ट्यूबवेल” और “श्री श्याम ट्यूबवेल” नाम की कंपनियों ने कथित तौर पर IRCON इंटरनेशनल के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल किए। एसीबी इससे पहले इस मामले में कई अधिकारियों और ठेकेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी भी इसी मामले में हुई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
*पहले ED भी कर चुकी है गिरफ्तारी*
महेश जोशी को इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। करीब सात महीने जेल में रहने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। अब ACB ने भ्रष्टाचार और टेंडर अनियमितताओं के मामले में दोबारा गिरफ्तारी की है।
*सहयोगी संजय को लेकर भी चर्चा तेज*
इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि महेश जोशी के करीबी सहयोगी संजय बड़ाया गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले विदेश रवाना हो गए। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संजय बड़ाया का नाम पहले भी JJM घोटाले की जांच में सामने आ चुका है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
*राजनीतिक बयानबाजी शुरू*
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद राजस्थान की राजनीति में फिर से जल जीवन मिशन घोटाला चर्चा के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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