प्रत्येक किसान तक पहुंचाएं भावांतर भरपाई योजना का लाभ : उपायुक्त सोनीपत
January 12th, 2018 | Post by :- | 31 Views

सोनीपत, लोकहित एक्सप्रैस, ( अश्वनी गोयल ) ।
उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने कहा कि भावांतर भरपाई योजना किसानों के लिए हरियाणा सरकार की बेहतरीन योजना है। इस तरह की योजना पूरे देश में अभी तक किसी भी राज्य में नहीं है। ऐसे में हमें अधिक से अधिक  किसानों को इस योजना से जोडऩा है ताकि कम भाव के समय में उन्हें उनकी फसल को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। उपायुक्त शुक्रवार को लघु सचिवालय के प्रथम तल स्थित कांफ्रेस हाल में अधिकारियों व किसानों के साथ भावांतर भरपाई योजना की समीक्षा कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तीन जनवरी को करनाल से इस योजना को शुरू किया है। योजना को शुरू करने का उद्देश्य है कि कई बार किसानों की फसल को बाजार में इतने कम दाम मिलते हैं कि मंडी में उनकी फसल की लागत भी नहीं निकल पाती। ऐसे वक्त में किसानों को उनकी फसल के न्यूनतम मूल्य तक भरपाई कर लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में इस योजना में टमाटर, प्याज, आलू और गोभी की फसल को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों को निर्धारित संरक्षित मूल्य देना और कृषि में विविधिकरण के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि  योजना के तहत आलू का संरक्षित मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 120 क्विंटल तक निर्धारित किया गया है। प्याज के लिए संरक्षित मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल और निर्धारित उत्पादन 100 क्विंटल प्रति एकड़, टमाटर का संरक्षित मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और निर्धारित उत्पादन 140 रुपये प्रति एकड़ और फूलगोभी का संरक्षित मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल और निर्धारित उत्पादन 100 रुपये क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना की मुख्य विशेषताएं सब्जी काश्तकारों को जोखिम मुक्त करना, योजना के अंतर्गत इन सभी चार फसलों पर 48 हजार रुपये से 56 हजार रुपये प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया मंडी में निर्धारित अवधि के अंदर सब्जी के कम दाम में बिकने पर वेबसाइट पर बीबीवाई पोटर्ल के माध्यम से पंजीकृत किसानों को संरक्षित मूल्य तक भाव के अंतर की सरकार द्वारा भरपाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किसाए पर जमीन लेकर खेती करने वाले काश्तकार भी ले सकेंगे।
इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसान को बिजाई अवधि के दौरान मार्केटिंग बोर्ड की बेबसाइट पर बागवानी भावांतर योजना के पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके लिए उत्पादक का पंजीकरण पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगा। उन्होंने बताया कि जिला में इसके लिए सोनीपत, गोहाना, व गन्नौर मार्केट कमेटी कार्यालय में हैल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि आलू प्याज के लिए 10 से 30 नवंबर, प्याज के लिए 20 दिसंबर से 15 मार्च, टमाटर के लिए 15 दिसंबर से 15 फरवरी और फूलगोभी के लिए 15 नवंबर से 31 दिसंबर की अवधि में पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को प्रोत्साहन के लिए जे फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी, जे फार्म पर बिक्री के उपरांच बिक्री विवरण बीबीवाई पोटर्ल पर अपलोड होगा जिसके लिए संबंधित मार्केट कमेटी में सुविधा उपलब्ध होगी। बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है तो किसान के भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा। जे फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ को भाव के अंतर से गुणा करने पर प्रोत्साहन देय होगा। प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में बिक्री के 15 दिन के अंदर कर दी जाएगी।
मीटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त आमना तस्नीम, जिला उद्यान अधिकारी डा. रमेश कुमार, मार्केट कमेटी के डीएमईओ राकेश जैन, सचिव सुरेंद्र सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।