देश के युवाओं को ज्ञानवान, शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से सुदृढ होना आज के समय की आवश्यक्ता: मुख्यमंत्री मनोहर लाल
January 12th, 2018 | Post by :- | 32 Views

कालका, लोकहित एक्सप्रैस, (हरपाल सिंह) ।। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के युवाओं को ज्ञानवान, शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से सुदृढ होना आज के समय की आवश्यक्ता है क्योंकि भारत विश्व का सबसे अधिक युवा जनसंख्या वाला देश है, जिसमें 60 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष के युवाओं की है। यही स्वामी विवेकानंद का युवाओं को संदेश था। आजादी 70 वर्षों बाद आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी में एक बार फिर स्वामी विवेकानंद की झलक  देखने को मिल रही है और वे भी स्वामी विवेकानंद की तरह भारत के युवाओं क लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। इस कड़ी में स्टार्टअप इंडिया, डिजीटल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री आज स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती के अवसर पर पंचकूला के सेक्टर एक स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस पर कनैक्ट टू सीएम कार्यक्रम के तहत युवाओं से सीधा संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।  उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम भी नरेन्द्रनाथ ही था और बाद में वे स्वामी विवेकानंद बने और इसी तरह प्रधानमंत्री का नाम भाी नरेन्द्र मोदी है, इसलिए दोनो में एक समानता देखने को मिल रही है। इस पर उपस्थित छात्रों ने तालियों की गडग़ड़हाट से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  सूचना प्रोद्यौगिकी के युग में नव हरियाणा के निर्माण में सरकार की नई योजना के बारे प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले समय में वाई-फायी दङ्खढ्ढ-स्नङ्घ½के फार्मूले पर चल रही है। वाई अर्थात महिला सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर व इंडस्ट्री-किसान व युवा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाते महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से महिला थानों की स्थापना की गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक लागू की गई है। महिलाएं अधिक से अधिक स्वावलंबी बनें, इस बारे कदम उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक रूप से महिलाओं की भागीदारी बढे,इस ओर भी हम बढे हैं। पिछले पंचायती राज चुनावों में यह देखने को मिला है कि 33 प्रतिशत निर्धारित सीटों की तुलना में 42 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं चुन कर आई हैं। इसी प्रकार इन्फ्रास्ट्रचर व इंडस्ट्री पर जोर दे रहे हैं। इनवेस्टर समिट के दौरान हुए 450 समझोतों में से 150 जमीनी हकीकत पर निवेष कर चुके हैं और पिछले तीन वर्षो में 22 हजार छोटी-बड़ी नई ओद्यौगिक इकाईयां लगी हैं, जिनमें एक लाख 10 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। हमारा लक्ष्य पांच लाख युवाओं को प्राईवेट क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनस के मामले में 2014 में हरियाणा 14वें स्थान पर था तो वर्तमान सरकार आने के बाद नियमों का सरलीकरण किया गया, नई नीति बनाई गई और जिसके फलस्वरूप जनवरी 2016 में ईज ऑफ डूइंग बिजनस के मामले में हरियाणा छठे स्थान पर पहुंच गया और 2018 की रेंकिंग अभी आनी है परंतु समय-समय पर हो किए जाने वाले मानदंडों के विश£ेषणों के आधार पर यह बताते हुए मुझे खुशी है कि हरियाणा देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। युवाओं ने इस जानकारी के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  सभी के लिए सरकारी नौकरियां देना संभव नहीं है। नौकरियां मेरिट के आधार पर और सबसे पहले योग्य युवाओं को मिलें, इस बात की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रुप डी की 30 हजार नियुक्तियों के लिए शीघ्र ही विज्ञापन जारी किए जायेंगे। वर्तमान में हरियाणा में सरकारी नौकरियां दो लाख 53-54 हजार हैं और कुल तीन लाख पद ही निर्धारित हैं। इसलिए 10-12 हजार हर वर्ष नई भर्तियां होती हैं। यह एक कर्मचारियों की सूवानिवृति के बाद रिक्तियां भरने की एक नियमित प्रक्रिया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब किसान समृद्ध होगा तो समाज का हर वर्ग आगे बढेगा, चाहे वह व्यापारी हो, उद्योगपति हो या मजदूर हो। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के लोगों का सोभाग्य है कि पंजाब व हरियाणा देश के लिए खाद्यान पैदा कर रहे हैं। हरियाणा के किसी भी परिवार में भूखमरी से मृत्यु नहीं होती।  इसी प्रकार युवाओं को हम शारीरिक व कौशल विकास की दृष्टि से सुदृढ करने की ओर बढ रहे हैं। पलवल में विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की है और हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है जहां कौशल विकास विश्वविद्यालय खोला गया है। शुरूआती दौर में इसका कैंपस गुरूग्राम से शुरू किया गया है जो भवन बनने के बाद स्थानांतरित किया जायेगा।  पारदर्शी व ई-गर्वनेंस के माध्यम से प्रदेश के लोगों को शासन व प्रशासन उपलब्ध करवाने को अपनी प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रवासी भारतीयों में भी सरकार की इस प्रतिबद्धता की चर्चा होती है कल ही अमेरिका से एक एनआरआई की उनसे मुलाकात हुई थी और उन्होंने कहा था कि एनआरआई में चर्चा होती है कि निवेष करना है तो हरियाणा में करो। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन अध्यापक स्थानांतरण नीति पारदर्शिता का एक और उदाहरण है। आज 90 प्रतिशत से अधिक अध्यापकों के स्थानांतरण एक क्लिक के साथ हो रहे हैं अन्यथा अधिकांश अध्यापक अपने स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री से लेकर शिक्षा मंत्री तथा अन्य राजनेताओं से मिलने चण्डीगढ के चक्कर काटते रहते थे।  उन्होंने कहा कि पंडित  दीन दयाल उपाध्याय के अंतोदय के सिद्धांत व हरियाणा एक-हरियाणवी एक के मूल मंत्र पर चलते हुए पिछले तीन वर्षों में हमने 17-18 ऐसी पहल की हैं, जिनमें हरियाणा देश में अग्रणी है। ओलंपिंक खेलों में स्वर्ण पदक के लिए छह करोड़, रजत के लिए चार करोड व कांस्य पदक के लिए ढाई करोड़ तथा प्रतिभागी खिलाड़ी को 15 लाख रूपए की नकद राशि से सम्मानित करने वाले हरियाणा न केवल देश का बल्कि विश्व का पहला राज्य है।  युवाओं को गणित व विज्ञान विषयों से दूर नहीं भागने का आहवान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गणित, विज्ञान बड़े रोचक विषय हैं। गणित में तो शत प्रतिशत अंक भी प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि आठवीं के बोर्ड की परीक्षा में 100 में से 100 अंक उन्हें मिले थे। इसी प्रकार 10वीं में 150 में से 145 अंक उन्हें मिले थे। उन्होंने युवाओं को इस बात से अवगत करवाया कि ब्लॉक स्तर पर गणित प्रयोगशालाएं तथा हर महाविद्यालय में विज्ञान विषय कक्षाएं अनिवार्य हों इसके लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं क्योंकि आईटी चाहे वह इंजिनियरिंग हो, मेडीकल हो, गणित व विज्ञान इनमें अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के चित्र की ओर इशारा करते हुए युवाओं से कहा कि मानसिक व शारीरिक रूप से स्वामी विवेकानंद हृष्ठ-पुष्ट थे, ऐसा चित्र में प्रतीत हो रहा है। युवाओं को उनके सिद्धांतों पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को अपने जीवन में एक आध घंटा योग के लिए आवश्य निकालना चाहिए। योग हमारी प्राचीन विधा है और जो हमें शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से पूरा विश्व भारत की इस प्राचीन विधा की ओर आकर्षित हुआ है और 21 जून को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 147 देशों ने योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देने के लिए अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के 1500 गांवों में योग एवं व्यायामशालाएं खोली जा रही है तथा 1000 से अधिक योग शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि कैच द यंग कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों में खेल प्रतिभा तराशने के लिए 520 स्कूलों में खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि हमारे उपर देश व समाज का ऋण है, इसलिए हमें इनके लिए कुछ न कुछ करने का संकल्प लेना चाहिए और यही स्वामी विवेकानंद का युवाओं को संदेश था। वही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं। युवाओं को अपने जीवन में जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढी होती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को युवाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के कुछ वाक्यांश भी युवाओं से सांझे किए, जिस पर उन्होंने तालियों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।  सीधा संवाद के तहत स्वामी देवी दयाल महाविद्यालय की डेंटल सर्जन विद्यार्थी सुभनू चौधरी द्वारा सरकारी नौकरियों के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एमबीबीएस चिकित्सकों की आवश्यक्ता लगभग 27 हजार की है परंतु उपलब्ध केवल 13-14 हजार ही हैं। चाहे वह सरकारी क्षेत्र के हों या प्राईवेट क्षेत्र के। हर साल दो हजार नये एमबीबीएस तैयार हों, इसलिए हर जिले में एक मेडीकल कालेज खोला जा रहा है। हरियाणा के बीडीएस को हर हाल में सरकारी नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से नर्सिंग क्षेत्र में सबसे अधिक एनआरआई हैं। हरियाणा के युवा भी अपने कौशल के अनुरूप बाहर जाएं इसके लिए विदेश मंत्रालय का एक कार्यालय हरियाणा में खोलने की गत दिनों उन्होंने विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज से बात की थी। प्रदेश सरकार उसके लिए गुरूग्राम में जगह उपलब्ध करवाएगी। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र सुरजीत के कुपोषण के प्रश्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि हरियाणा में भूखमरी की कोई समस्या नहीं है, स्तनपान महिलाओं को कम से कम दो वर्ष तक बच्चों को अपना दूध पिलाना चाहिए। हरियाणा सरकार ने राज्य पोषण मिशन का गठन किया है, जिसके तहत 45 पोष्टिक चीजें गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध करवाई जाती हैं। स्तनपान अधिक से अधिक करवाएं इसके लिए जागरुकता भी अधिक जरूरी है। मुख्यमंत्री व मंत्रियों द्वारा कम से कम गाड़ी व स्टाफ का प्रयोग हो, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मनोहर लाल के रूप में  उन्हें कोई गाड़ी या स्टाफ की आवश्यक्ता नहीं है परंतु मुख्यमंत्री के रूप में पहले से प्रोटोकोल निर्धारित है। परंतु उसमें भी उन्होंने कमी की है। पहले मुख्यमंत्री के कार्यालय, आवास में सुरक्षा कर्मिर्यों सहित कर्मचारियों की संख्या 1100 थी जो उन्होंने कम करके 450 की है। इसी प्रकार मंत्रियों को दिल्ली जाने के लिए पहले पुलिस का पायलट वाहन दिया जाता था वह अब हटा दिया है। इस प्रकार हमने 40 वाहन पुलिस को वापिस लौटाए हैं। जिन व्यक्तियों को मृत्यु की धमकी का खतरा होता है, उनको मांग के अनुरूप सुरक्षा सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्रीय युवा दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे धाकड़ बनकर उभरें और देश व समाज के लिए कुछ न कुछ करने का पहले संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के खड़ेे हो, आगे बढो और जब तक लक्ष्य प्राप्ति न हो रुको मत के संदेश की तर्ज पर संकल्प लिया है कि हम नव भारत क निर्माण के लिए यैस वी कैन-यैस वी कैन-यैस वी कैन और अब यैस वी विल डू-वी विल डू का संकल्प दिया है। मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि जब पवन पुत्र हनुमान को सीता माता को बचाने के लिए श्री लंका जाना था तो वे समुद्र को देख कर रुक गए थे परंतु जब जामवंत ने श्री हनुमान को उनकी शक्तियों का अहसास करवाया तो उनमें इच्छा शक्ति पैदा हुई और वे श्रीलंका पहुंच गए। इसी प्रकार की इच्छा शक्ति जताना स्वामी विवेकानंद का युवाओं के नाम संदेश था और उसी रूप में 70 वर्षों बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हर काम इंडिया के नाम करने का संकल्प देश वासियों को दिलाते हैं और युवाओं में जज्बा भरते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कालेज के कैम्पंस न्यूज लेटर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का संचालन हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन व दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व में छात्र संघ के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर चुके श्री जवाहर यादव ने किया और युवाओं में एक नए जोश व ऊर्जा का संचार करवाया। श्री यादव की इस कार्यशैली के लिए मुख्यमंत्री ने भी सराहना की। इस अवसर पर पंचकूला के विधायक एवं मुख्य सचेतक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका विधायक लतिका शर्मा, उपायुक्त पंचकूला गौरी पराशर जोशी, पुलिस उपायुक्त मनवीर सिंह, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ० अर्चना मिश्रा के अलावा जिला व पुलिस प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व बड़ी संख्या में महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी उपस्थित थे।