प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत बाद कैथल कामयाब हो रहा है और इस समय लड़कों और लड़कियों में लिंग अनुपात 1,000 के मुक़ाबले 900 से पार हो चुका है
January 11th, 2018 | Post by :- | 277 Views
कैथल, लोकहित एक्सप्रैस, (ब्यूरो चीफ  विशाल चौधरी ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत बाद कैथल कामयाब हो रहा है और इस समय लड़कों और लड़कियों में लिंग अनुपात 1,000 के मुक़ाबले 900 से पार हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत के बाद कैथल में लिंगानुपात को बेहतर करने को एक चुनौती के तौर पर लिया था। जिसमें कैथल कामयाब हो रहा है और समय लड़कों और लड़कियों में लिंग अनुपात 1,000 के मुक़ाबले 900 से पार हो चुका है ।जबकि अप्रैल 2017 में यह आँकड़ा 864 का था । हालांकि एक वर्ष के बाद प्रति हजार महिलाओं की संख्या में 38  का इजाफा हुआ है यह इजाफा तो नाममात्र है जिस देश में नारी की पूजा करनी परंपरा हो उसी देश में महिलाओं की संख्या में गिरावट आए तो इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक हो ही जाता है। ‘लोकहित एक्सप्रेस  ’ ने समय-समय पर बेटियों की संख्या में आ रही कमी को देखते हुए बेटी बचाने के लिए सार्थक पहल करता रहता है लेकिन  इस पहल में लोगों को सहयोग के लिए आगे आना होगा तभी प्रधानमंत्री का स्वप्न सफल हो पाएगा ।
देश में बेटे की चाहत वाली मानसिकता किसी से छिपी नहीं है। यह वही मनोदशा है, जो हमें बेटे और बेटी में फर्क करना सिखाती है। उनकी नजर में महिलाओं का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है।  हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में पानीपत में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश में बड़े स्तर पर लिंगानुपात की जांच एवं कन्याभ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान की शुरुआत की गई थी। सरकार की सतर्कता और लोगों की जागरूकता से अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हमारा पूरा ही समाज बेटियों को लेकर पुराने ढर्रे पर चल रहा था अब इसमें बदलाव आना शुरू हो चूका है । आज देश में ऐसे हजारों परिवार हैं, जिनमें बेटे नहीं हैं। ऐसे परिवारों की संख्या भी कम नहीं है, जिनमें बेटों एवं बेटियों में फर्क नहीं किया जाता। उनकी परवरिश और पढ़ाई बेटों की तरह ही हो रही है।
पिछले दस वर्षो में कैथल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि यहां के लिंगानुपात की असमानता में कमी आयी है।  कैथल प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों पर दावा जाहिर करते हुए उपायुक्त सुनीता वर्मा ने प्रेस वार्ता कर कहा पिछले दस वर्षो में कैथल के इतिहास में पहली बार  में जन्म के समय लिंगानुपात 1000 लड़को पर 901 लड़कियों का हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणा से की थी और कैथल प्रशासन ने घटते लिंगानुपात को चुनौती के तौर पर स्वीकार किया।