एनएचएम कर्मचारियों के सेवा नियम नहीं बनाए गए तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलेगी और इसके लिए सरकार खुद ही जिम्मेदार होगी : रिहान रजा  ।  
December 6th, 2017 | Post by :- | 2 Views

नूंह मेवात , नगीना  , लोकहित एक्सप्रैस,( ब्यूरो चीफ – लियाकत अली , इमरान खान )  ।   जिले के सरकारी अस्पताल मांडीखेड़ा में अगर अस्थाई एनएचएम कर्मचारियों के सेवा नियम नहीं बनाए गए तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलेगी और इसके लिए सरकार खुद ही जिम्मेदार होगी।हरियाणा एनएचएम कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान रिहान रजा ने कही है।    मांड़ीखेड़ा में  जिलेभर के कर्मचारियों ने हरियाणा एनएचम कर्मचारी संघ के बैनर तले मंगलवार को दो दिवसीय धरने की शुरूआत की। इस धरने की वजह से भर्ती हुए कई मरीज भी इलाज न मिलने के कारण नल्हड  मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने को मजबूर हो गए हैं। अकेले मांड़ीखेड़ा अस्पताल में दर्जनों मरीजों को छोडक़र ज्यादातर मरीज छुट्टी कराकर अपने घर चले गए। संवाददाता से बातचीत में प्रधान रिहान रजा ने बताया कि एनएचएम की दो दिवसीय हड़ताल प्रदेश के 18 जिलों में चल रही है। यदि हरियाणा सरकार अपने अडय़ल रवैये पर कायम रही तो यह अनिश्चितकाल तक होगी। उन्होंने बताया कि 9 जून को सीएम मनोहर लाल ने सेवा नियम बनाने के आदेश थे। यह नियम सर्वशिक्षा अभियान में लगे कर्मचारियों की तर्ज पर ही बनने थे। इसके बाद 22  अक्तूबर को सीएम ने पीछली मीटिंग में पास हुए प्रस्तावों पर अधिकारियों से पूछा तो सेवा नियम पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। इस बात पर कड़ी फटकार सीएम ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को लगाई। इसी मीटिंग साढ़े १४ प्रतिशत वेतन बढ़ाने को भी सीएम ने मंजूरी दी थी। एनएचएम के प्रदेश पदाधिकारी वसीम अली ने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने ४ मांगे रखी गई थी वहीं पर हम आज भी कायम है। इनमें सेवा नियम बनाना, समान कार्य समान वेतन, वेतन विसंगतियां व अन्य हैं और केवल 80  करोड में ही यह काम चल सकता है। पिछले साल सरकार की इसी अनदेखी के कारण 12  दिन लगातार आंदोलन हुआ था। अक्तूबर में होने वाली हड़ताल को टाल दिया गया था ताकि सरकार मांगों को पूरा कर सके। सरकार के आश्वासन के बावजूद भी मांगे पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली और राजस्थान में कर्मचारियों के सेवा नियम बनाए जा चुके हैं। हरियाणा सरकार को इन प्रदेशों से सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर हड़ताल में 300 से ज्यादा कर्मचारी एवं पदाधिकारी शामिल हुए। हड़ताल के कारण एबुलेंस सेवा पूरी तरह बाधित रही। मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।