पंजाब व हरियाणा की सहमति से ही बनेगी डेपुटेशन पाॅलिसी 
November 1st, 2017 | Post by :- | 3 Views
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चण्डीगढ़, ( लोकहित एक्सप्रैस )  ।   शहरके गवर्नमेंट स्कूलों में पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर आने वाले टीचर्स के लिए डेपुटेशन पाॅलिसी पंजाब और हरियाणा की सहमति के साथ तैयार होगी। एडमिनिस्ट्रेटर वी पी सिंह बदनोर ने पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ के एजुकेशन सेक्रेटरी की कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी नई डेपुटेशन पाॅलिसी बनाएगी। चंडीगढ़ के फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा को इस कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। कमेटी दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट दे देगी। नए सेशन से इस डेपुटेशन पाॅलिसी को लागू किया जाएगा।

प्रशासन ने अभी डेपुटेशन पाॅलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया हुआ है। इसके अनुसार अब चंडीगढ़ में टीचर्स का डेपुटेशन पीरियड सिर्फ 7 साल होगा। किसी टीचर्स को भी इससे अधिक समय तक डेपुटेशन पर नहीं रखा जाएगा। हर हाल में 7 साल बाद टीचर्स को अपने मूल कैडर में वापस लौटना होगा। टीचर्स को प्रमोशन चाहिए तो भी उसे अपने कैडर में जाना होगा। यह डेपुटेशन पाॅलिसी प्रशासन में डेपुटेशन पर आने वाले सभी टीचर्स पर लागू होगी। ड्राफ्ट पाॅलिसी के अनुसार यदि किसी टीचर्स की प्रमोशन होती है और वह चंडीगढ़ में पूरे 7 साल लगाना चाहता है तो उसे इस दौरान प्रमोशन नहीं मिलेगी। मौजूदा समय में चंडीगढ़ प्रशासन के एजुकेशन डिपार्टमेंट में डेपुटेशन पर आने के लिए टीचर्स का डेपुटेशनिस्ट पीरियड 3 साल का है। किन्हीं विशेष परिस्थितियों में इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। प्रशासन ने अब नई पाॅलिसी में यह टर्म 7 साल की रखी है। इसे 7 साल से नहीं बढ़ाया जाएगा।

^प्रशासन ने डेपुटेशन पर आने वाले टीचर्स के लिए ड्राफ्ट पाॅलिसी तैयार कर ली है। इस पाॅलिसी को लागू करने के लिए पहले पंजाब एवं हरियाणा तथा चंडीगढ़ के एजुकेशन सेक्रेटरी की कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी इस पाॅलिसी को लोगों के सुझाव के बाद फाइनल करेगी। -बंसीलाल, सेक्रेटरी एजुकेशन

अभी तक प्रशासन पंजाब एवं हरियाणा से 3 साल के लिए डेपुटेशन पर टीचर्स मंगवा रहा था। विशेष परिस्थितियों का हवाला देकर यह पीरियड़ बढ़ाया जाता रहा है। अधिकांश टीचर्स का कार्यकाल तो तीन से चार बार तक बढ़ाया जा चुका है। लंबे समय तक डेपुटेशन पर जमे पंजाब एवं हरियाणा के टीचर्स का चंडीगढ़ के टीचर्स और इम्प्लाॅइज विरोध कर रहे हैं। एमपी किरण खेर ने भी उन टीचर्स को वापस भेजने की वकालत की थी जिनका टर्म खत्म हो चुका है।

^प्रशासन ने सही कदम उठाया है। डेपुटेशन की टर्म पूरी होने के बाद टीचर्स को वापस भेजा जाना चाहिए। प्रशासन ने ड्राफ्ट पाॅलिसी में 7 साल का डेपुटेशन पीरियड रखा है जोकि अधिक है। इसे कम करना ाहिए। इसका नुकसान यूटी कैडर को होता है। -स्वर्णसिंह कंबोज, प्रेसिडेंट, यूडी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाॅइज यूनियन

एजुकेशन डिपार्टमेंट में इस समय 200 से अधिक टीचर्स पंजाब एवं हरियाणा से डेपुटेशन पर है। इनमें से अधिकांश का डेपुटेशन पीरियड 15 से 20 साल का हो गया है। कई टीचर्स तो अपनी नियुक्ति के बाद से ही चंडीगढ़ में टिके हुए हैं। कई टीचर्स तो यहीं प्रमोट होकर प्रिंसिपल बन गए और यहीं रिटायर हो गए। डेपुटेशन पर आए कई टीचर्स तो ऐसे थे जोकि ज्वाइनिंग के तत्काल बाद चंडीगढ़ में गए और प्रमोट होने के बाद भी यहां से नहीं गए।

}पंजाब हरियाणा के साथ होगी मीटिंग

}नियम क्या है डेपुटेशन का

}प्रशासन ने सही कदम उठाया है

}15 से 20 साल का डेपुटेशन पीरियड

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के एजुकेशन सेक्रेटरी पाॅलिसी फाइनल करने के बाद इसे टीचर्स के सामने सुझावों के लिए रखेंगे। टीचर्स और इम्प्लाॅइज यूनियन के सुझाव भी इसमें लिए जाएंगे। लोगों से आॅब्जेक्शन भी आमंत्रित किए जाएंगे। पंजाब और हरियाणा ने कहा था कि डेपुटेशन पाॅलिसी को फाइनल करने से पहले उनकी सहमति ली जाए। पंजाब और हरियाणा चंडीगढ़ के स्कूलों में डेपुटेशन पर कार्यरत टीचर्स को वापस भेजने का विरोध कर रहे है। पंजाब ने तो यह मामला एडमिनिस्ट्रेटर के साथ भी उठाया था।