नंदी और गायों के लिए अलग-अलग होगी व्यवस्था:सुमेधा

कुरूक्षेत्र,लोकहित एक्सप्रैस,(शिवचरण राणा) । उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि मथाना गोशाला को आमजन के सहयोग से प्रदेश की आर्दश गोशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। गोशाला को सही ढंग से विकसित करने के लिए नंदी और गायों के लिए अलग-अलग  रहने की व्यवस्था की जाएगी। जिसको पूरा करने के लिए करीब ढाई करोड़ की लागत का अनुमान है। उन्होंने कहा कि गोशाला के निर्माण में अब तक  करीब 55 लाख रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है।  
वे सोमवार को पंचायत, नगरपरिषद व पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ मुनियारपुर रोड़ पर बनाई गई मथाना गोशाला, सामुदाियक स्वास्थ्य केंद्र मथाना व रा.वरि. मा. विद्यालय मथाना का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि गोशाला में प्रतिदिन 30 हजार रुपए गोवंश के चारे पर खर्च आ रहा है। लेकिन इस मिशन को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत के साथ आमजन के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गोमाता की सेवा करना सबसे पूण्य कार्य है। ऐसे में आमजन को गोशाला में रहने वाले गोवंश के लिए हर संभव अनुदान देकर कर पूण्य कमाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गत दिनों बरसात के सीजन में जिन विकट परिस्थितियों में गोशाला के सुधारीकरण के लिए ग्राम पंचायत मथाना एवं अन्य समाज सेवियों ने प्रयास किया  है वे सब काबिले तारिफ है। 
उन्होंने गोशाला प्रधान तेजपाल मथाना की गोशाला के लिए किए जा रहे कार्यों की तारिफ करते हुए कहा कि जिला में उनकी गैर मोजूदगी में भी प्रधान द्वारा प्रतिदिन गोवंश के रहने की व्यवस्था में सुधार लाया गया है। कटारिया ने कहा कि इस गोशाला में जल्द ही कंपनियों का सहयोग लेकर आगामी प्लान तैयार किया जाएगा।  कुरुक्षेत्र में घूमने वाले आवारा पशुओं के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक कुरक्षेत्र शहर को पशु-मुक्त किया जाएगा। शहर की किसी भी सडक़ पर अवारा पशु घुमते नहीं मिलंगे। जिस के लिए नगर परषिद के साथ समाज सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा  है। 
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से मथाना गोशाला के नव निर्माण के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने मथाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व स्कूल का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने एस.एम. ओ. डा. अनुपमा सैनी को कहा कि वे स्वास्थ्य केंद्र के सुधारीकरण के लिए पंचायत का सहयोग लें। बिजली व्यवस्था के बारे में कहा कि वे जल्द ही इसका समाधान करवाने का प्रयास करंगे। ताकि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बिजली के अभाव में किसी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। स्कूल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राचार्या को कहा कि वे बिल्डिंग के कंडम घोषित करवाने के साथ बच्चों के बैठने की व्यवस्था के बारे में लिखित में जानकारी दें। ताकि विद्यालय में बच्चों की बैठने की सुविधा को ध्यान में रखकर इस कार्य को जल्द की पूरा करवाया जा सके। 

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