29 नाबालिग बच्चों को शहर में चल रहे होटल, ढ़ाबो, चाय स्टालो, बैल्ंिड़ग मकेनिक, कार मकेनिक, मिष्ठान भण्ड़ारों, सब्जी विक्रेताओं की दुकानों पर छापामारी कर पकड़ा।
January 11th, 2019 | Post by :- | 232 Views
नूंह मेवात ,( लियाकत अली )  ।  जिला उपायुक्त मेवात एवं सीटीएम नूहं के निर्देशानुसार बाल कल्याण समिति नूहं, राज्य अपराध शाखा गुड़गांव, डालसा टीम व पुलिस टीम ने शुक्रवार को नगीना ब्लॉक में बाल मजदूरी कराने वालो के खिलाफ अभियान चलाया। ऐसे में टीम ने लगभग 29 नाबालिग बच्चों को शहर में चल रहे होटल, ढ़ाबो, चाय स्टालो, बैल्ंिड़ग मकेनिक, कार मकेनिक, मिष्ठान भण्ड़ारों, सब्जी विक्रेताओं की दुकानों पर छापामारी कर पकड़ा। इस दौरान टीम ने दुकानदारों एवं बच्चों के अभिभावकों को बाल मजदूरी नहीं क राने की चेतावनी देते हुए बच्चों को छोड़ दिया। अधिकांश बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को पढ़ाने का भरोसा दिलाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन के निर्देशानुसार गठित टीम में बाल कल्याण समिति नूहं से अधिवक्ता मौ. असफाक अली, राज्य अपराध शाखा गुड़गांव से एसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल नन्द किशोर, कांस्टेबल विजय पाल गुलिया,  चाईल्ड़ लाईन से राशिद व डौली, ड़ालसा से सोनू वर्मा सहित पुलिस टीम ने नगीना में बाल मजूदरी के प्रति अभियान चलाया। जिसमें शहर के मिष्ठान भण्ड़ार, बैल्ड़िग मकेनिक, होटल व ढ़ाबे पर अलग- अलग ठिकानों से 29 नाबालिग बच्चे कार्य करते पाए गए। जिन्हें टीम अपने कार्यालय में ले आई, जहां उन्होंने दुकानदारों और अभिभावकों से नाबालिग बच्चों से मजदूरी नहीं कराने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी दुकानदार आगे भी इसी तरह बच्चों से मजदूरी कराता पाया गया तो सख्त कानूनी कार्यवाहीं अमल में लाई जाएगी। उन्होंने मौके पर बच्चों से कराई गई मजदूरी का हिसाब भी कराया।
बाल कल्याण समिति के अधिवक्ता असफाक अली ने बताया कि अधिकांश बच्चों ने अपनी इच्छा से दुकानों पर कार्य करने की बात बताई है।बच्चों को उनके दुकानदारों और अभिभावकों चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। असफाक अली ने बताया कि पिछहे पांच साल से उनकी टीमें ब्लॉक स्तर पर यह कार्यवाहीं कर रही है। हर माह जिला प्रशासन की बैठकों में बाल मजदूरी रोकने पर विशेष फोकस किया जाता है। उन्होंने बताया कि  अब तक उनके नेतृत्व में पांच सौ से अधिक बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया जा चुका है। आगे भी ऐसी कार्यवाहीं चलती रहेगी। उन्होंने बताया कि बाल मजदूरी कराना एक अपराध है, जिसमें सजा के प्रावधान के साथ जुर्माना भी लगता है।
असफाक अली ने बताया कि उनकी संस्था ऐसे बच्चों का भी पालन पोषण कराने की सुविधा करायेगी, जो अनाथ है या किसी कारण मजदूरी के लिए विवश है। लेकिन आज के  अभियान उन्हें एक भी बच्चा ऐसा नहीं मिला। सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों को पढ़ाने का आश्वासन दिया है।