“कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय” गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व शोध के लिए देश में एक पहचान बने : सैनी
January 11th, 2019 | Post by :- | 43 Views

कुरुक्षेत्र । हरियाणा सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जैसी संस्थाएं बनने में वर्षो नहीं दशकों लगते हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्य संस्कृति व इससे बनकर निकले विद्यार्थियों के कारण यह विश्वविद्यालय देश में ही नहीं विश्वभर में जाना जाता है। हरियाणा प्रदेश को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पर गर्व है। समृद्ध खुशहाल व सम्पन्न हरियाणा की पहचान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय है। वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एल्यूमनी मीट कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व दीप प्रज्ज्वलन कर स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया गया।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने स्थापना दिवस पर विशेष कार्यक्रम के आयोजन के माध्यम से कई नई सुविधाओं की शुरूआत की है। इससे विद्यार्थियों को फायदा होगा व विश्वविद्यालय अपनी एक नई पहचान बनाएगा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सफलताओं के लिए कुलपति को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व शोध के लिए देश में एक पहचान बने ताकि हरियाणा की आने वाली पीढियां यहां से शिक्षित होकर देश निर्माण में अपना योगदान दे सकें। इस मौके पर श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा, कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना ने विश्वविद्यालय की लेखा शाखा द्वारा शुरू की गई यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस की ऑन लाईन बुकिंग, परीक्षा शाखा की पुर्नमूल्यांकन के लिए साफ्टवेयर को लांच किया, पिछले सेमेस्टर की 110 परीक्षाओं के परिणाम व वर्तमान सत्र की परीक्षाओं की डेटशीट भी अपलोड की।
राजस्थान पुलिस महानिदेशक होम गार्ड ओमप्रकाश गल्होत्रा ने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहें हैं। आज इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भारत में ही नहीं दुनियाभर में उच्च पदों पर आसीन हैं। यह विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ब्रांड एम्बेसडर हैं। विद्यार्थी ही सही अर्थो में किसी विश्वविद्यालय की पहचान होते हैं। 40 वर्ष बाद भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का ग्रीन व क्लीन कैम्पस उन्हें आकर्षित करता है। 
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसे सभी एल्यूमनी के लिए एक मंच तैयार करना चाहिए जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। वे विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभवों को सांझा करेंगे तो इससे विश्वविद्यालय व विद्यार्थियों को फायदा होगा। विश्वविद्यालय को 2030 के लिए अपना एजेंडा व विजन तय करने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने एक प्रस्तुति के माध्यम से विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने हर क्षेत्र में सफलताएं हासिल की हैं। विभिन्न राष्ट्रीय एंजेसियों ने अपनी ग्रेडिंग में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल किया है। अब हम देश के चुनिंदा 10 विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हैं। इसलिए विश्वविद्यालय से समाज की अपेक्षाएं भी अलग तरह की हैं। पिछले कुछ वर्षो में शोध व शिक्षण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की पहचान बढ़ी है। 3 वर्ष में 1600 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने 600 अंतर्राष्ट्रीय व 1000 से अधिक राष्ट्रीय संगोष्ठियों में भाग लिया है। 42 अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय व 43 राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। ऑनलाईन परीक्षा, परिणाम, ऑनलाईन अकाउंट, सहित विश्वविद्यालय में हर विभाग में ऑटोमेशन की प्रक्रिया चल रही है। अगले कुछ वर्षो में पूरी तरह से डिजीटल यूनिवर्सिटी होने वाले हैं। विद्यार्थी केन्द्रित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बने यही हमारी पहली प्राथमिकता है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में अगले कुछ वर्षो में उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत् बनने वाले 6 केन्द्रों से विश्वविद्यालय की दिशा तय होगी। स्थापना दिवस पर पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद आयोजित करने का उद्देश्य भविष्य के लिए योजनाएं तैयार करना है। कुलपति ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों से अपील की कि वे उत्कृष्टता हासिल करें। विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। इस मौके पर कुलपति ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का आभार प्रकट किया।
एल्यूमनी एसोसिएशन के निदेशक प्रो. संजीव अग्रवाल ने सभी मेहमानों का स्वागत किया व एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. श्याम कुमार सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, निदेशक एवं अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के एल्यूमनी सेवानिवृत्त आईएएस रोशन लाल सैनी, चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा, आईजीपी जेल हरीश रंगा, डॉ. शिल्पी अग्रवाल, अंकित बटेजा, अपूर्वा, सौरभ चौधरी ने अपने विचार सांझा किए।