जनहित में करवाए जाएं लोकसभा और विधानसभाओं के एक साथ चुनाव।
October 11th, 2018 | Post by :- | 5 Views

कालका, लोकहित एक्सप्रैस, (सुभाष कोहली)।

सविंधान के निर्माताओं ने लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ कराने की व्यवस्था की थी। वर्ष 1967 तक लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ ही हुए थे। लेकिन उसके बाद कुछ राजनीतिक कारणों के कारण अलग-अलग समय पर चुनाव होते रहे।

एक साथ चुनाव कराने की बातें पिछले कुछ सालों से हो रही हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने साल 2012 में लोकसभा और विधानसभाओं के साथ-साथ चुनाव करवाने का प्रस्ताव रखा था। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ०मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी इस विषय पर अपनी सहमति जता चुके हैं। वर्ष 2015 में संसद की एक स्थाई समिति ने भी इसके पक्ष में विचार व्यक्त करते हुए कहा था कि इससे खर्च की बचत होगी और समय भी बचेगा। यहां तक कि फरवरी 2016 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के अंदर भी इस विचार को आगे बढ़ाने का सुझाव भी दिया था। लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी माना था कि देश में एक साथ चुनाव होने चाहिए। नीति आयोग भी इसके पक्ष में है, उसने वर्ष 2014 से साथ-साथ चुनाव कराने की बात कही थी।

अभी हाल ही में हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा था कि बार-बार चुनाव से पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है, इसलिए आज के दौर में एक साथ चुनाव करवाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जो समय देश हित में लगना चाहिए, वह चुनावों में लग रहा है।

इस विषय पर संवाददाता द्वारा क्षेत्र के बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों से सम्पर्क करने पर सभी ने अपनी सहमति जताते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों की आम सहमति बननी जरूरी है, सभी को आगे बढ़कर जनहित में एक साथ चुनाव करवाने में सहयोग देना चाहिए, क्योंकि कर्नाटक के ही एक चुनाव में हजारों करोड़ रुपए का खर्चा सामने आया था। स्थानीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश महासचिव बिमल कुमार का कहना है कि देश में बार-बार चुनाव करवाने से लाखों करोड़ रुपए बर्बाद हो रहे हैं, जो कि आम जनता के खून-पसीने की कमाई का पैसा विभिन्न टैक्सों के रूप में सरकार द्वारा वसूल किया जाता है।

देश की अधिकतर जनता की भी राय है कि पैसे और समय की बचत को देखते हुए लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ ही करवाए जाएं तथा बचाए गए पैसे को जनहित में विकास कार्यों पर लगाया जाए।