डिप्थीरिया के मरने वालों की संख्या 15 हुई , तो 52 बच्चे बीमारी की चपेट में आये ,जांच में जुटी टीमें , विडियो जरूर देखें
October 11th, 2018 | Post by :- | 71 Views

 नूंह मेवात ,( लियाकत अली )  ।  प्थीरिया ( गलघोटू ) की बीमारी बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। नूंह जिले के नूंह और पुन्हाना खंड में 15 बच्चों की मौत हो चुकी है। इतना ही पीड़ितों का आंकड़ा बढ़कर 52 तक पहुंच गया है। गलघोटू की बीमारी से मौत होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग मौत के कारणों और बीमारी का पता लगाने में जुट गया है। दो केस में डिप्थीरिया की पुष्टि होने की वजह से आशंका स्वास्थ्य विभाग को भी है कि मौतों की वजह डिप्थीरिया है। जिन मौतों को पहले आशंका से जोड़कर देखा जा रहा था ,अब उस पर लगभग मोहर लग चुकी है । मरने वाले या पीड़ित बच्चों की उम्र 2 -17  वर्ष के आसपास है। पशुओं में इस बीमारी से मौतों का सिलसिला तो पुराना है , लेकिन इंसानों की जान भी बीमारी से खतरे में पड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मौत के आंकड़ों को देखते हुए टीमें जांच के लिए उन इलाकों में भेज दी हैं ,जहां गलघोटू के केस पाए गए हैं। सिविल सर्जन नूंह डॉक्टर राजीव बातिश के मुताबिक बीमारी तो पहले भी होती थी ,लेकिन मौत नहीं हुई थी। जिले में दस बच्चों की जान जाने की बात सामने आई है और 35  बच्चों को जांच में बीमारी के लक्षण मिले हैं। अभी भी बीमारी से ग्रसित बच्चों का आंकड़ा बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजकर जांच शुरू कर दी है। जानलेवा बीमारी जिन गांवों में सामने आई है। उसमें ग्रामीण बीमारी और जान जाने के डर से भयभीत दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 26 गांव चिंहित किये हैं , जिनमें डिप्थीरिया की बीमारी पाई गई है। 52  बच्चों में से मरने और बीमारी से ग्रसित बच्चियों की संख्या दर्जन भर से अधिक बताई जा रही है , तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग बीमारी की जांच से लेकर निपटने का दावा कर रहा है ,लेकिन लोगों को जान बचाने के लिए निजी अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गलघोटू की बीमारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा के नूंह जिले में तेजी से बढ़ रही है। मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है , जो चिंता का विषय बनता जा रहा है। आपको बता दें कि शुरू में महज 31 केस थे , जो बाद में 36 तो अब 52 तक पहुंच गए हैं।