बरसाती पानी से दर्जनों गांवों की हजारों एकड धान की फसल खराब, शिकायत करने के बाद भी किसानों में प्रशासन के प्रति रोष।
September 13th, 2018 | Post by :- | 100 Views
 नूंह मेवात ,( लियाकत अली )  ।   जिले के पुन्हाना उपमंडल के दर्जन भर गावों के किसान इन दिनों पूरी तरह से परेशान है। परेशानी का कारण खेतों में बरसात के पानी के जमा होने से धान की फसल खराब हो चुकी है।    गावों के किसान पिछले 15 सालों से प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपना दुखडा रोते रहे लेकिन प्रशासनिक अधिकारी है कि सुनते ही नहीं और ना ही कभी ग्रामीणों की समस्या की ओर कोई  ध्यान दिया।  अधिकारियों की लापरवाही के कारण  हर वर्ष फसल बर्बाद हो रही है तो यहां का किसान  कर्जदार होता जा रहा है। प्रशासन द्वारा समस्या को समाधान करना तो दूर बरसाती पानी के कारण खराब फसलो को आज तक कोई मुआवजा तक नहीं दिया गया।  बरसात के  पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित गुलालता गांव है। जहां पर बरसाती पानी कई किलोमीटर दूर से बहकर खेतों में ठहर जाता है। करीब तीन महिने तक आने वाला बरसात का पानी भरने से गांव दर्जनों गांव सहित पानी गांव के जंगल में एकत्रित हो जाता है। गुलालता गांव के आस पास के खेतो में खडा रहता है। जलभराव के कारण धान, ज्वार व बाजरे की फसल तो खराब हो  ही गई है साथ ही ग्रामीणों को अब बिमारियां फैलने का डर सता रहा है। किसानों के पास गेंहू की फसल के लिये भी कोई विकल्प नहीं है ।  जलभराव के कारण हालत इतने खराब है कि अगर गांव में किसी की मौत हो जाती है तो कब्रिस्तान में जलभराव के कारण मुर्दे को गुडगांव कैनाल की पटरी पर दफनाया जाता है।
जानकारी के मुताबिक पुन्हाना उपमंडल के गुलालता, रसूलपूर, राजपुर, जालिका,सिरौली, रायपुर , जहटाना आदि गावों में बरसात के मौसम में   पानी आ जाता है। ग्रामीण पिछले  15  वर्षो से इस समस्या से जुझ रहे है।   बार – बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की भी लेकिन शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाईं। गुलालता गांव के ईशा, अय्युब, हकमूदीन, दीनू मुबीन, मुजीब  उल रहमान,  इकबाल, पूर्व सरपंच नसीर, आमीन, इस्लाम ,जाकिर नंबरदार, अल्ली ठेकेदार, हबीब अहमद ठेकेदार आदी लोगों  ने बताया कि  गावों की जमीन सेजा की है।  बरसात का पानी हथीन गांव के घुडावली गांव व उसके  आस पास के गावों से यहां आता है।  ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के पानी की निकासी को कोई प्रबंध ना होने के कारण बरसात का पूरा पानी गुलालता गांव के जंगलो में ठहर जाता है । पानी ठहरने के कारण खेतो में खडी फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि गुलालता गांव व सिरौली गांव के बीच पानी की निकासी के लिये केवल एक ही पुलिया है जो काफी नहीं है, जबकि पानी की निकासी के लिये तीन पुलिया को होना आवश्यक है। इसके अलावा गुलालता गांव व बीसरू गांव के  बीच बनी सडक से पानी की निकासी के लिये कोई प्रबंध नहीं किये  जिसके कारण पानी ठहर जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन महिने तक पानी खडा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढता है जिसके कारण आस पास के गावों में बिमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। उक्त लोगों ने बताया कि इलाके में बैंको से किसानों को ऋण आदि  लेने की कोई सुविधा नहीं है जिससे वो अपनी जमीन  पर साहुकारों से ऋण लेते है। फसल खराब होने के कारण वो ऋण चुकाने की स्थिती में नहीं है। किसान हर वर्ष कर्जदार होते जा रहे है। प्रशासन की ओर से खराब फसल को मुआवजा तक नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है ऐसे में जलभराव के कारण वो पूरा साल फसल नहीं  पैदा कर पाते। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से फसल की गिरदावरी कराकर   उचित मुआवजे की मांग के साथ साथ समस्यों के हल कराने की मांग की  है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो वो रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेगें।