जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजधानी की वैशाली नगर पुलिस और डीएसटी (जयपुर पश्चिम) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हवाला, फर्जी बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना विकास ढाका (निवासी बासनी, सीकर) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महज 20 दिन पहले ही जयपुर में अपने सिंडिकेट का नेटवर्क फैलाने और म्यूल (फर्जी) खातों का संचालन करने आया था।
पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर (पश्चिम) प्रशांत किरण (आईपीएस) ने बताया कि 27 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नेमी सागर कॉलोनी स्थित चड्ढा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में विकास ढाका अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध रूप से यूएसडीटी व क्रिप्टो करेंसी प्राप्त कर बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड का गिरोह चला रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के सुपरविजन में वैशाली नगर थानाधिकारी अरविंद सिंह और डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन कर दबिश दी गई और आरोपी को दबोच लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी जैसलमेर और सीकर के रिसॉर्ट्स व रेस्टोरेंट्स में काम करने वाले सीधे-साधे और गरीब मजदूरों को रुपयों का लालच देकर उनके केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग करता था। इन दस्तावेजों के जरिए वह निजी व पेमेंट्स बैंकों में चालू व बचत खाते खुलवाता था और एयरटेल पेमेंट्स बैंक के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करवाता था। इन फर्जी खातों व क्यूआर कोड को अवैध ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स और देशभर के साइबर ठगों को मोटे कमीशन पर बेचा जाता था, जिससे ठगी और सट्टे की रकम सीधे इनमें जमा हो सके।
खातों में जमा हुई अवैध रकम को आरोपी तत्काल क्रिप्टो करेंसी (USDT/Tether) में बदल लेता था। इसके बाद दुबई स्थित हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए इसे लिक्विडेट कर भारतीय बाजार में ‘व्हाइट मनी’ के रूप में खपाया जाता था। प्राथमिक जांच में पिछले दो वर्षों के दौरान आरोपी और उसके साथियों द्वारा करीब 24 करोड़ रुपये की यूएसडीटी के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम जब्त 9 मोबाइल फोनों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है। पुलिस अब इन फोनों में मौजूद अज्ञात क्रिप्टो वॉलेट्स, डिजिटल कीज, टेलीग्राम सिंडिकेट चैट्स और गिरोह से जुड़े अन्य एजेंटों, हवाला कारोबारियों व विदेशी संपर्कों की पड़ताल में जुटी है।
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