जन्म से मृत्यु तक, बचपन से बुढ़ापे तक निरंतर एक दौर चलता रहता है : साध्वी शशि प्रभा
August 10th, 2018 | Post by :- | 4 Views

बटाला, ( लोकहित एक्सप्रैस )  ।       दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से गांव सुण्डल, बटाला में सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें साध्वी शशि प्रभा भारती ने अपने विचारों से संगत को मार्ग दर्शन प्रदान किया।  साध्वी जी ने कहा कि जन्म से मृत्यु तक, बचपन से बुढ़ापे तक निरंतर एक दौर चलता रहता है, सुख को पाने का, मानवीय दशा अत्यंत दु:खद है। उसके दु:ख की कहानी क्या है? अज्ञानता का शिकार, व्यक्ति जीवन भर एक-एक सुख के तिनके को इकट्ठा करता है।

संपूर्ण शक्ति और कीमती समय को सुख पाने में खर्च कर देता है परन्तु सुख की तालाश में मानव किसी और ही दिशा में पहुंच गया है। सुख की लालसा उसके जीवन में ढेरों दु:खों को निमंत्रण देने  लगी है कारण और निवारण हमें तुलसीदास जी द्वारा रचित ज्ञान दीपक प्रसंग से स्पष्ट होता है। कहते हैं कि अगर एक मनुष्य अंधेरे कमरे में गांठ को सुलझाना चाहे तो क्या होगा? वह उस गांठ को सुलझाने की जगह और अधिक उलझा लेगा। वह गांठ अंधकार में कभी भी सुलझ ना पाएगी।

जब तक कमरे में प्रकाश ना कर दिया जाए। इसी प्रकार मनुष्य भी आज अज्ञानता रूपी अंधकार में विचरण कर रहा है। इस अंधकार में वह सुख खोज रहा है, जो मिल नहीं रहा, आवश्यकता है-दीप जलाने की। जब तक हृदय में ज्ञान का दीप प्रज्जवलित नहीं होगा, तब तक मनुष्य दु:खों का अधिकारी रहेगा। जब मानव को गुरु कृपा से ब्रह्म ज्ञान प्राप्त होगा। तो वह समझ जाएगा कि सुख संसार में नहीं अपितु हमारे भीतर ही है। कार्यक्रम में साध्वी रमन भारती ने सुन्दर भजनों का गायन कर प्रभु भक्तों को मंत्र मुग्ध किया।