स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आरटीआई ऐक्ट के तहत गलत सूचना देने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को सस्पेंड किया
August 10th, 2018 | Post by :- | 2 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )   ।   हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आरटीआई ऐक्ट के तहत गलत सूचना देने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही किसी सीनियर अधिकारी से मामले की जांच कराने का आदेश देते हुए विज ने एक महीने के अंदर जांच की रिपोर्ट देने को कहा है। हाल में आरटीआई ऐक्ट के तहत यह जानकारी सामने आई थी कि साल 2014 के बाद हरियाणा में कोई नया अस्पताल नहीं बनवाया गया है।

हरियाणा सरकार स्वास्थ्य विभाग के लिए कई बड़े कदम उठाने का दावा करती रही है। ऐसे में इस तरह की जानकारी के सामने आने के बाद विज ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई की। विज ने कहा कि प्राथमिक जांच करवाने के बाद यह उक्त कर्मचारियों ने लापरवाही और जानबूझकर इस प्रकार की सूचना दी थी, जिसके कारण विभाग की छवि खराब हुई है। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार के दौरान न केवल पिछली सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए अस्पतालों के भवनों का निर्माण पूरा करवाया है बल्कि नए भवन भी बनवाए गए हैं।’

मंत्री ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान मंजूर हुए 86 भवनों को निर्माण कार्य भी मौजूदा बीजेपी सरकार के दौरान वर्ष 2014 के बाद पूरा किया गया है, जिस पर 282.21 करोड़ रुपए खर्च हुए है। इसी प्रकार अस्पतालों के 12 नए भवनों का निर्माण कार्य पूरा करवाया, जिस पर 122.83 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसके अलावा सरकार ने 136 नए भवनों के निर्माण के लिए 643.41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के बारे बताया कि बीजेपी सरकार में 4 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस सरकार के दौरान ही करनाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छोटी-छोटी बातों पर धरने प्रदर्शन हो रहे हैं, इससे साफ है कि दिल्ली की जनता वहां की सरकार से कितनी दुखी है। केजरीवाल शासन चलाने में असमर्थ है। केजरीवाल के एसवाईएल पर बयान पर विज ने कहा कि हरियाण की धरती पर खड़े होकर एसवाईएल के मुद्दे पर बोलने का केजरीवाल को अधिकार नहीं है।