बब्बर खालसा का आतंकवादी हवारा पंजाब जेल में शिफ्ट हुआ तो फैलेगा आतंकवाद: वीरेश शांडिल्य
October 14th, 2026 | Post by :- | 17 Views

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य बोले मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा 2004 में 119 फुट की सुरंग खोद बुडैल जेल से फरार हुए थे, जरूरत पड़ी तो हवारा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पेश होऊंगा

‘‘एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह हमेशा देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहते हैं और सुप्रीम कोर्ट ने जो आईबी से रिपोर्ट मांगी उस रिपोर्ट की कोई कीमत नहीं अगर आईबी जीवित होती एक्टिव होती तो पंजाब सिविल सचिवालय में 7 टायर सिक्योरिटी में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या ना होती, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या न होती, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या न होती, 26/11 का हमला न होता, देश की संसद पर हमला न होता, कारगिल में आतंकवादियों की घुसपैठ न होती, उड़ी में सेना मुख्यालय पर हमला न होता’’

कुरूक्षेत्र।  एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि बब्बर खालसा  आतंकवादी संगठन के चीफ कमांडर और पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे आईएसआई के एजेंट आतंकवादी जगतार सिंह हवारा अगर तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में शिफ्ट कर दिया गया तो पंजाब में पुन: आतंकवाद आने से और पंजाब की सड़कों को निर्दोषों के खून से लाल होने से कोई नहीं रोक सकता।

वीरेश शांडिल्य ने कहा कि जगतार सिंह हवारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की कि उन्हें तिहाड़ जेल से शिफ्ट कर पंजाब की किसी भी जेल में भेज दिया जाए जो बब्बर खालसा आतंकी संगठन आईएसआई व कट्टरपंथियों की गहरी साजिश है और सुप्रीम कोर्ट ने आईबी से रिपोर्ट मांगी है लेकिन एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया किसी कीमत पर भी आतंकवादी जगतार सिंह हवारा को पंजाब की अमन और शांति भंग करने की साजिश रचने नहीं देगा और जरूरत पड़ी तो बब्बर खालसा के इस आतंकवादी हवारा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखूंगा। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि यह वही आतंकवादी है जिसने 1995 में  मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की और 2004 में 119 फुट की सुरंग खोद हवारा व उसके अन्य आतंकवादी साथी बुडैल जेल से फरार हो गया था ऐसा देशद्रोही पंजाब आने की मांग क्यों कर रहा है? और वीरेश शांडिल्य ने देश की जनता को बताया कि जब जगतार सिंह हवारा व अन्य आतंकवादियों ने बुडैल जेल ब्रेक की तो उन्होंने 2004 में एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका सीबीआई जांच के लिए दायर की थी जिस पर उस वक्त के चीफ जस्टिस बीके रॉय की खंडपीठ ने अहम फैसला दिया था। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि जब जगतार सिंह हवारा  व आतंकवादी परमजीत भ्यौरा तिहाड़ जेल शिफ्ट हुआ तो यह आतंकवादी बाई रोड चंडीगढ़ व रोपड़ की जेलों में पेश होने आते थे जिस पर दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस पंजाब पुलिस चंडीगढ़ पुलिस व केंद्र अधीन पुिलस बल लगता था करोड़ो की सुरक्षा का खर्च होता था जिसका उनके संगठन ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया ने विरोध किया और 2008 में अपने संगठन की तरफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की कि इन आतंकवादियों की सुनवाई तिहाड़ जेल से वीडियो कांफ्रेंसिग से हो जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार किया।

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह हमेशा देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहते हैं और सुप्रीम कोर्ट ने जो आईबी से रिपोर्ट मांगी उस रिपोर्ट की कोई कीमत नहीं अगर आईबी जीवित होती एक्टिव होती तो पंजाब सिविल सचिवालय में 7 टायर सिक्योरिटी में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या ना होती, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या न होती, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या न होती, 26/11 का हमला न होता, देश की संसद पर हमला न होता, कारगिल में आतंकवादियों की घुसपैठ न होती, उड़ी में सेना मुख्यालय पर हमला न होता। वीरेश शांडिल्य ने कहा किसी कीमत पर भी उनका संगठन एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया आतंकवादी जगतार सिंह हवारा को पंजाब की जेल में शिफ्ट नहीं होने देंगे इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़कों तक लड़ाई लड़ेंगे।

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