भारत से ज्यादा अमेरिका में कैंसर रोगी , मौत के आंकड़ों में भारत अव्वल :- डॉक्टर धर्मेंद्र (खबर की विडियो जरूर देखें )
June 13th, 2018 | Post by :- | 111 Views

नूंह मेवात ,( लियाकत अली )  ।   कैंसर विलेज के नाम से मशहूर हो चले साकरस गांव में कैंसर रोगियों की जांच करने जालंधर पंजाब के कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों का 22 सदस्यीय दल अत्याधुनिक मशीनों से लैस पांच वाहनों में तय समय के मुताबिक पहुंचा तो जांच कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। डीसी अशोक कुमार शर्मा अपने अधिकारियों की टीम के साथ साकरस गांव पहुंचे और डॉक्टरों से लेकर मरीजों तक को बिजली – पानी की सुविधा से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराये। साकरस गांव का वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर भीड़ और वाहनों से लबालब भरा दिखाई दिया। कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम साकरस पहुंची तो गांव के ही नहीं बल्कि दूरदराज के मरीज भी जांच कराने पहुंच गए। जानलेवा कैंसर की बीमारी से अकेले साकरस गांव में करीब 60 लोग मर चुके हैं तो अभी भी दर्जनों लोग दिल्ली , जयपुर , अलवर इत्यादि के अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। कई माह पहले मीडिया की सुर्ख़ियों में यह गांव आया , जिसके बाद देश -दुनिया में जानी मानी कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को यहां बुलाया गया। लोगों ने टीम के आने से राहत की सांस ली। जांच के करीब 15 दिन बाद रिपोर्ट आने पर ही कैंसर रोगियों की संख्या का पता चल पायेगा , लेकिन आला दर्जे के डॉक्टरों की टीम सामने पाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस जरूर ली है। डीसी अशोक कुमार शर्मा करीब एक माह पहले कैंसर से हो रही मौत की खबर के बाद गांव गए थे , उन्होंने लोगों को जांच कराने का भरोसा दिलाया था , जिसके बाद यह सब संभव हो सका। साकरस गांव में कुल 465  कैंसर रोगियों की जांच हुई जिनमे 260 पुरुष तो 205 महिला शामिल है।

क्या है पूरा माजरा ;- 
मेवात जिले में आबादी के एतबार से बड़े गांव में शुमार साकरस में कैंसर से प्रभावित लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। साकरस  गांव में अब तक कैंसर से पीड़ित करीब 50 -60  से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है । गांव में एक के बाद एक हो रही मौतों से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। अभी भी गांव में कैंसर से पीड़ित कई मरीज हैं। जिनका इलाज अलवर, जयपुर और दिल्ली की अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। यहां लोग जिंदगी  और मौत के बीच जूझ  रहे हैं। बता दें कि कैंसर का कारण पीने का पानी बताया जा रहा है। गांव में मोबाइल टॉवर से लेकर तम्बाकू का सेवन ही नहीं बल्कि कच्ची और घटिया शराब की अवैध बिक्री भी बड़े पैमाने पर होती है। इसमें कैंसर फैलने की वजह क्या है , इसका पता लगाने के लिए डीसी अशोक कुमार के आदेश पर पानी – मिट्टी के नमूने लेकर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग नूंह द्वारा भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट के बाद ही कैंसर फैलने के असली कारणों का पता लग सकेगा।
बता दें, कि फिरोजपुर झिरका उपमंडल के गांव साकरस व इससे लगते आसपास के गांवों पर कैंसर कहर बनकर टूट रहा  है। यदि ग्रामीणों की बातों पर यकीन करें तो साकरस से लगते गांवों में पिछले तीन सालों में कैंसर से प्रभावित 60  से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
तीन साल में 60  पर पहुंचा मृतकों का आंकडा : गांव साकरस से मिली जानकारी के अनुसार बीते तीन वर्षों में गांव की रोशनी, राबिया, नसीम, निसीया, हाजी इसन, खलील, साहुन, साबुद्दीन, कायम, बशीर, कमरुद्दीन, भूरू, इसरबी, अलीजान, रोजदार, हनीफ, सवाई, अनिल, पुष्पा, किशनचंद, तेजराम, ज्ञानी सैनी, प्रभुराम, असर खां, जैकम, जाकिर हुसैन, रसीदन, शरीफ, लेखराज, शमशू, इब्बर, पुन्ना, अलीशेर और सब्बीर खां, सूका खां, अब्दुल रजाक की मौत कैंसर के कारण हुई है। गांव में अभी दर्जनों लोह ऐसे हैं , जिन्हें कैंसर की बीमारी है। जिनका इलाज चल रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ :- जालंधर पंजाब से आये डॉक्टरों के दल की अगुवाई कर रहे कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धर्मेंद्र ढिल्लो ने बताया कि कैंसर पानी , मिटटी , खेती केमिकल , मोबाइल टॉवर या किस वजह से फैल रहा है ,इसकी जांच तो स्वास्थ्य विभाग नूंह करेगा , लेकिन कितने लोगों को कैंसर के लक्षण पाए गए हैं , इसकी रिपोर्ट आने में करीब 15 दिन लगेंगे। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष में जागरूकता के अभाव में कैंसर ज्यादा घातक साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 10 लाख लोगों को कैंसर की बीमारी सालाना हो रही है और 5 लाख की मौत हो जाती है। इसका मुख्य कारण यही है कि लास्ट स्टेज पर कैंसर का पता चलता है। अगर समय रहते कैंसर का इलाज कराया जाये , तो इसका इलाज संभव है। डॉक्टर ढिल्लो के मुताबिक अमेरिका में भरत से ज्यादा कैंसर मरीज हैं ,लेकिन वहां जागरूकता की वजह से समय पर इलाज करा लिया जाता है। जिससे जान बच जाती है। उन्होंने कहा कि जब गांठ से जहरीला पदार्थ निकलकर पूरे शरीर में प्रवेश कर जाता है , उसके बाद जान बच पाना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर के मुताबिक पंजाब राज्य के तो तक़रीबन हर इलाके का उन्हें बारीकी से ज्ञान है और वहां कैंसर फैलने  की क्या वजह हो सकती है ,उसके बारे में तो बताया जा सकता है ,लेकिन साकरस में उन्होंने पहली बार कदम रखा है। इस अवसर पर एसडीएम गजेंद्र सिंह , एसएमओ डॉक्टर कृष्ण कुमार , एसएचओ अशोक कुमार दहिया , डीडीपीओ राकेश मोर , बीडीपीओ वीरेंद्र सिंह , पूर्व सरपंच फजरुद्दीन बेसर , डॉक्टर आशीष इत्यादि मौजूद थे।