खबर का असर,सीएम के कार्यक्रम में प्रयोग की जा रही थी पानी की प्लास्टिक की बोतल -ADC पार्थ गुप्ता ने पानी की प्लास्टिक की बोतल के बैन को लेकर मीडिया के माध्यम से जारी किया नोट
June 12th, 2018 | Post by :- | 50 Views

कैथल, लोकहित एक्सप्रैस, ( ब्यूरो चीफ विशाल चौधरी ) ।आठ  जून को गांव कौल, ढांड, हाबड़ी व पाई में सीएम के कार्यक्रम थे। जिसमें प्लास्टिक की छोटी बोतलों से अधिकारियों, कर्मचारियों व आम जनता ने खूब पानी पीया। सीएम के सामने ही बोतलें बांटी भी गई। गर्मी अधिक थी तो ऐसे में पानी की ज्यादा जरूरत थी। पानी की बोतलों के लिए कार्यक्रम में लोगों ने आपस में छीनाझपटी भी की थी जिसमें पुलिस वाले भी पीछे नहीं रहे थे जिन्होंने जूस के लिए जमकर पानी की बोतले लेते दिखे। न्यूज़———– ने सीएम के कार्यक्रम में पानी के लिए झड़प और बैन के बावजूद प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग की खबर को प्रमुखता से दिखाया था जिसका  असर देखने को मिला।  अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मीडिया के माध्यम से एक नोट जारी किया की पांच जून के आदेशों के अनुसार पानी की प्लास्टिक की बोतलों पर सरकारी कार्यालयों  व कार्यक्रमों में बैन रहेगा।

अब एडीसी पार्थ गुप्ता का कहना है कि पांच जून से हमें मुख्य सचिव कार्यालय से आदेश प्राप्त हुए थे की सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक की एक बार में प्रयोग होने वाली बोतलों पर बैन लगा दिया है। इससे प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। इसके लिए सभी दफ्तरों में या तो प्रयोग की जाने वाली बोतलों में या फिर अन्य किसी साधन का लिए प्रयोग करें। सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार प्रदेश में सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्वायत्त संस्थाओं द्वारा सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक की पानी की बोतलों का प्रयोग छोड़ना होगा तथा पीने के पानी के वैकल्पिक प्रबंध करने होंगे ताकि प्लास्टिक कचरा उत्पन्न न हो। सरकारी कार्यालयों में एक से अधिक बार प्रयोग की जा सकने वाली पानी की बोतलों की ही अनुमति होगी, जिनमें सीसा, इस्पात, एल्युमीनियम आदि पदार्थों से बनी बोतलें शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भी लोगों से प्लास्टिक की बोतलों में पानी का इस्तेमाल ना करने की अपील की थी।  परन्तु मुख्यमंत्री भूल गए कि जिस कार्यक्रम में पानी की बोतलें बांटने पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं उसी कार्यक्रम में पानी की बोतलें बांटी जा रही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश के कई नेता तथा जिला कैथल के सभी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।