(जन्माष्टमी पर 13 घंटे खुले रहे गोविंददेवजी के दर्शन) सुबह 4 बजे खुलें पट
September 7th, 2026 | Post by :- | 19 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थी। इस दिन शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन हुए,लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में उमडी। सुबह 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुलें और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के माध्यम से दर्शन हुए। इसके बाद मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और अभिषेक के आयोजन हए।
जन्माष्टमी के दिन भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की। मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन के उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने और घर से निकलने से पहले यात्रा की पूरी योजना बनाने की अपील की। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई। मंदिर में एंट्री केवल जलेब चौक ओर बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से ही मिली।
सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहें। मंदिर परिसर को 12 सेक्टरों में बांटा गया है और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तीन पारियों में लगाई गई।
दिनभर दर्शन के बाद रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां हुई। मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के ने बताया कि रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी व्रत कथा हुई। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की गई।
इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक हुआ। अभिषेक के लिए भी विशेष तैयारियां की गई। पंचामृत अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद का इस्तेमाल किया गया। मंगला आरती रात 11 से 11:15 बजे तक और इसके बाद तिथि पूजा व अभिषेक रात 12 से 12:30 बजे तक आयोजित किये गए।

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