हिसार की सीनियर सैकेण्डरी के विज्ञान संकाय की छात्रा कुमारी हीना को सम्मानित किया
June 4th, 2018 | Post by :- | 13 Views

चण्डीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )   ।  हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री रामबिलास शर्मा ने आज हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पटेल नगर, हिसार की सीनियर सैकेण्डरी के विज्ञान संकाय की छात्रा कुमारी हीना को सम्मानित किया। कुमारी हीना ने सीनियर सैकेण्डरी की परीक्षा में तीनों संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

श्री शर्मा ने कुमारी हीना को 4 लाख रूपये राशि का चैक प्रदान किया। इस मौके पर बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह, सचिव श्री धीरेन्द्र खडग़टा, आई.ए.एस. व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ संदेश एक जन-आंदोलन व राष्ट्रीय अभियान बन गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है कन्या भू्रण हत्या की रोकथाम, बालिकाओं के अस्तित्व को बचाना, दहेज़ कुप्रथा को समाप्त करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा बालिकाओं की उच्च शिक्षा और सभी कार्यक्षेत्रों में भागीदारी सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए सतत् प्रयासरत है। शिक्षा-परीक्षा क्षेत्रों को राजनीति से दूर रखा जाता है तथा विद्यालयों में पढ़ाई का उपयुक्त वातावरण बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी की वार्षिक परीक्षा में सरकारी स्कूलों का बेहतर परिणाम प्रदर्शन दृष्टिगोचर हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार की शिक्षा नीति कारगर सिद्ध हुई है। प्रदेशभर में गुणवत्तापूर्वक शिक्षा दी जा रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाओं में जिन विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है उनके लिए स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी तथा जिन विद्यार्थियों ने कंपार्टमेंट क्लीयर करने के लिए दो चांस ले लिए हैं उनको एक और मर्सी चांस दिया जाएगा।

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि हमारा राष्ट्र सही मायने में तभी तरक्की कर सकता है जब हम बेटा-बेटी के बीच का भेदभाव मिटा दें और बेटियों को भी सशक्त करके अपने देश की उन्नति व प्रगति में भागीदार बनाएं। बच्चों को मोबाईल व लेपटोप का प्रयोग सीमित करें और उन्हें अधिकाधिक समय दें ताकि हमारी भावी पीढ़ी संस्कारवान, राष्ट्र-भक्त और प्रज्ञावान बन सके।