अंबाला में बन रहे बहुचर्चित रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर पिछले दो महीनों से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। पांच नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट का आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है, लेकिन गांव सपेड़ा और आसपास के ग्रामीण रास्ता छोड़े जाने की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे थे।
किसानों की मांग?
किसानों का आरोप था कि रिंग रोड बनने से उनके गांव का मुख्य रास्ता बंद हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) ने सर्विस रोड नहीं छोड़ा था, जिससे किसानों को अपने खेतों और गांव में आने-जाने में 4-5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। इसी मांग को लेकर वो गांव सपेड़ा में धरना दे रहे थे।मामला तब और गरमा गया जब कल अंबाला पुलिस ने जबरन किसानों को धरना स्थल से उठा लिया था। इसके बाद किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी थी।फिर कैसे टूटा धरना?
आज जिला प्रशासन हरकत में आया। अंबाला छावनी के SDM, DSP और NHAI के अधिकारियों ने मिलकर मौके का मुआयना किया।
किसानों की परेशानी को सुना गया और मौके पर ही उनकी मांगों को हल करने का आदेश दे दिया गया। SDM ने माना कि किसानों की कुछ मांगें जायज थीं। अधिकारियों ने वादा किया कि रास्ते की सभी कमियों को जल्द पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद किसान यूनियन मान गई और उन्होंने अपना 2 महीने से चल रहा धरना समाप्त कर दिया और NHAI को आगे काम करने की अनुमति दे दी।क्यों जरूरी है ये रिंग रोड?
ये रिंग रोड बनने के बाद अंबाला से चंडीगढ़ (NH-152), रुड़की (NH-344), जगाधरी (NH-444A), दिल्ली-अमृतसर (NH-44) और हिसार (NH-65) हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे अंबाला शहर में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।इसको डाल दो, फोटो में SDM और किसानों वाली फोटो लगा देना, टाइटल में “Ambala Ring Road Protest” जरूर लिखना – SEO में टॉप आएगा।
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