राशन घोटाले में दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल पर लगाया आरोप
April 14th, 2018 | Post by :- | 10 Views

नई दिल्ली,  ( लोकहीत एक्सप्रैस )  ।      राशन घोटाले को लेकर हाल ही में आई कैग की रिपोर्ट में हो रही दिल्ली सरकार की किरकिरी को छुपाने के लिए अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने उपराज्यपाल पर गंभीर आरोप लगए हैं। यही नहीं सरकार ने अधिकारियों पर भी आरोप लगाया है। दिल्‍ली सरकार का कहना है कि दिल्‍ली में राशन घोटाले के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें एक ही मोबाइल नंबर से ओटीपी के जरिए 499 घरों के लिए राशन दिया गया।

एक अन्य मामले का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि 202 घरों का राशन एक नंबर पर दिया गया और 172 घरों का राशन एक नंबर पर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह से करीब 1,550 घरों का राशन सिर्फ 11 नंबरों पर दिया गया। इस मामले में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने शहर में राशन वितरण में धांधली पाई है। सिसोदिया ने उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त को बर्खास्त करने, वर्तमान वितरण प्रणाली को तत्काल बंद करने व दरवाजे पर राशन वितरण की योजना को मंजूरी देने का आग्रह किया है।

दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में 72 लाख लोग सरकारी राशन पर आश्रित हैं। दिल्ली में कुल 19 लाख कार्ड धारक हैं। सरकार की ओर से प्रतिवर्ष इन्हें साढ़े 4 लाख टन राशन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आप सरकार बनने से पहले और उसके बाद भी राशन चोरी रोकने के लिए हमने संघर्ष किया है। अब भी दिल्ली की झुग्गियों में ये चोरी रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अधिकारियों को एलजी का संरक्षण मिला हुआ है। इसके चलते आज भी राशन में धांधली की जा रही है।

सिसोदिया ने कहा कि राशन की बिक्री के लिए ई पीओएस सिस्टम लगाया गया है। दिसंबर में यह सिस्टम पहले 90 दिनों के लिए लगाया गया। वहां फिंगर प्रिंट में दिक्कत आती थी और उसमें ढेरों खामियां थी। इस साल 1 जनवरी से पूरी दिल्ली में ई पीओएस लागू हुआ, उसमें दिल्‍ली सरकार ने ए सुझाव केबिनेट की ओर से दिए गए थे, ताकि लोगों को इंटरनेट की कमी से परेशानी न हो लेकिन ऑफ लाइन को एलजी ने नहीं माना।

उन्होंने कहा कि केबिनेट के निर्देश के बावजूद उसमें खामी छोड़ी गई। 21 फरवरी के दिन मैंने इस परेशानी की जानकारी भी दी। ई पीओएस खत्म करने की अपील की, लेकिन एलजी ने नहीं माना। 499 राशन कार्ड धारकों का ओटीपी एक मोबाइल नंबर पर है। मंत्री के आदेश के बाद ओटीपी सिस्टम को बंद कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि एक ही मोबाइल नंबर पर भेजे गए 499 राशन कार्ड धारकों का राशन दिया गया।

इसी तरह 202 घरों के राशन एक मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के जरिए दिया गया। 172 घरों के राशन में भी यही हुआ। आदशज़् नगर इलाके में एक ही नंबर पर कई लोगों को राशन दिया गया। 41000 घरों का राशन चंद मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी पर दिए गए। ऐसे 500 मोबाइल नंबर की सीरीज है।