अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद
September 20th, 2021 | Post by :- | 143 Views

प्रयागराज संवाददाता। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का शव सोमवार को फांसी के फंदे से लटकता मिला। उनका शव अल्लापुर बाघंबरी गद्दी स्थित कमरे से बरामद किया गया है। आईजी केपी सिंह सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस सूचना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने आनंद गिरि पर परेशान करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं सम्मान के बगैर नहीं जी सकता। वसीयत से संबंधित बात भी इसमें लिखी होने की बात सामने आ रही है।उनका शव एक पंखे से लटकता हुआ मिला है और पुलिस को कमरे के दरवाजे भी चारों तरफ से बंद मिले हैं। इन्हीं कुछ बातों को ध्यान में रखकर इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यह मामला आत्महत्या का हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्णय पर पहुंचना जल्दबाजी होगा। वहीं महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सीएम योगी ने जताया दुख बताया अपूरणीय क्षति
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

अखिलेश यादव ने जताया दुख
महंत के निधन के बाद इस पर प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्षअखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य नरेंद्र गिरी जी का निधन, अपूरणीय क्षति! ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि।शिष्य आनंद गिरि से विवादों के कारण भी यह चर्चा में रहे
निरंजनी अखाड़े से निष्कासित योग गुरु आनंद गिरि और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के विवादों के बीच मठ-मंदिरों की जमीनों को लेकर भी घमासान काफी सुर्खियों में रहा। स्वामी आनंद गिरि ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को पत्र भेजकर अखाड़े के विवाद की जानकारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शहर के कीडगंज में स्थित गोपाल मंदिर भी आधा बेच दिया गया है। मठ और मंदिर की बेची गई जमीनों के करोड़ों रुपये के दुरुपयोग की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के लाखों रुपये के चढ़ावे और प्रसाद से होने वाली बेहिसाब आमदनी की भी जांच कराने की मांग है। इसके बाद यह विवाद काफी दिनों तक चला लेकिन आनंद गिरि ने माफी मांगकर इसे समाप्त कर दिया था और इनके बीच विवाद को सुलझाने का काम लखनऊ के अधिकारी ने साथ ही उन्होंने संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के लाखों रुपये के चढ़ावे और प्रसाद से होने वाली बेहिसाब आमदनी की भी जांच कराने की मांग है। इसके बाद यह विवाद काफी दिनों तक चला लेकिन आनंद गिरि ने माफी मांगकर इसे समाप्त कर दिया था और इनके बीच विवाद को सुलझाने का काम लखनऊ के अधिकारी ने किया था।

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