✍️ लोकहित एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद छत्तीसगढ़
गरियाबंद _अधिवक्ता संघ गरियाबंद के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधिमंडल ने आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा से सौजन्य भेंट कर गरियाबंद जिले में जिला न्यायालय एवं जब तक ज़िला न्यायालय गरियाबंद की स्थापना नहीं हो जाती तब तक यथाशीघ्र एन.डी.पी.एस., एस.सी./एस.टी. एवं विद्युत (इलेक्ट्रिसिटी) न्यायालय की स्थापना की मांग की प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया कि वर्ष 2011-12 में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना के बाद भी गरियाबंद जिले में इन विशेष न्यायालयों का अभाव है, जिसके कारण जिले के नागरिकों को विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए रायपुर जाना पड़ता है इससे गरीब, महिला, बुजुर्ग एवं दूरस्थ क्षेत्रों के पक्षकारों को आर्थिक, मानसिक एवं समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि ओडिशा सीमा से लगे होने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति बाहुल्य जिला होने के कारण एन.डी.पी.एस. एवं एस.सी./एस.टी. अधिनियम से संबंधित मामलों की संख्या अधिक है इन मामलों की सुनवाई रायपुर में होने से न्याय मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा है गरियाबंद में आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध होने के कारण इन न्यायालयों की स्थापना से आम जनता को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय मिल सकेगा इस पर माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन दिया तथा कहा कि इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रतिनिधिमंडल इस मांग को राज्य शासन के समक्ष भी प्रमुखता से प्रस्तुत करे, ताकि आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके इस अवसर पर अधिवक्ता संघ गरियाबंद की ओर से अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन, वरिष्ठ अधिवक्ता मुर्तज़ा ख़ान, अधिवक्ता लोकनाथ साहू, झनक राम साहू एवं प्रशांत मानिकपुरी उपस्थित रहे।अधिवक्ता संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि गरियाबंद में जिला न्यायालय एवं विशेष न्यायालयों की स्थापना से जिले के नागरिकों को न्याय सुलभ होगा तथा न्यायिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनेगी।
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