अणु स्मृति दिवस के तीनों दिन हुई जप तप ज्ञानाराधना
September 26th, 2019 | Post by :- | 85 Views

बांसवाडा(अरूण जोशी)
कुशलगढ़ वर्धमान स्थानकभवन में विराजित महासती पुण्यशीला जी म.सा आदि ठाणा-4 की पावन नेश्रा में आचार्य भगवन्त श्री उमेंश मुनिजी म.सा की पावन स्मृति में अणु स्मृति दिवस के तीनों दिन जमकर तप-आराधना हुई। अणु स्मृति दिवस के तीनों दिन पुज्या पुण्यशीला जी म.सा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए फरमाया कि आज के दिन हमारे आचार्य भगवंत को विशेष रूप से याद किया जाता हैं। हम सभी का महान पुण्य का उदय था, जो ऐसे आचार्य भगवंत श्री उमेश मुनि जी म.सा का सानिध्य मिला। संसार में अनेक आत्माएं जंम लेती है, पर ऐसे जीवन को सार्थक बनानें वाली आत्मा बहुत ही बिरली होती है। आचार्य भगवंत के प्रवचन, लेखन व उनका स्तवन बहुत ही प्रभावकारी था। आचार्य वहीं बनता है, जिनके जीवन में 36 गुण होते है। वे पांच महाव्रत के पालनहार थें व उनमें वचन का विवेक, निवास का विवेक, स्थान का विवेक, दशर्न का विवेक, श्रवण का विवेक, स्मृति का विवेक, भोजन का विवेक, श्रंगार का विवेक आदि गुण विधमान थें। प्रचारमंत्री विशाल गादिया ने बताया कि धर्मसभा के पश्चात् तीनों दिन साध्वी जी मण्डल द्वारा भाव विभोर कर देने वाली भाव वंदना एवं स्तवन प्रस्तुत किये। 12 घण्टे के जाप व तीनों दिन विविध प्रतियोगिताएं हुई। दिपक चैपडा ने 11 उपवास, चेतन बाठिया ने 7 उपवास की तपस्या पूर्ण कर लीे। साथ ही तीनों दिन सामुहिक एकासन की तपस्या की गयी, जिसमें प्रथम दिन 70, द्वितीय दिन 70 व तृतीय दिन 90 से अधिक तप आराधकों द्वारा एकासन की तपस्या की गयी। तीनों दिन सामुहिक एकासन का लाभ मनोहरलाल जी सुरेश जी राजेश जी गादिया परिवार द्वारा लिया गया।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।