पुरानी पेंशन बहाली के ध्यानाकर्षण के प्रस्ताव को स्पीकर ने किया अस्वीकार 
August 22nd, 2021 | Post by :- | 64 Views

अंबाला/मुलाना ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण मांग पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हलका मुलाना के कांग्रेसी विधायक वरुण चौधरी द्वारा सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को रखने की मांग को स्पीकर द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।

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विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को रखने के लिए आग्रह करते हुए वरुण चौधरी ने कहा था कि नई पेंशन स्कीम में जो कर्मचारी शामिल हैं न तो उनको कोई न्यूनतम पेंशन गारंटी मिल रही है तथा न ही इस स्कीम के तहत सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है तथा इसके साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवारिक पेंशन का भी कोई प्रावधान नहीं है । हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता से कम पेंशन मिल रही है जो चिंता का विषय है इसलिए इसमें सुधार की आवश्यकता है ।

इसके साथ साथ नई पेंशन पेंशन स्कीम में भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी द्वारा मूल वेतन का 10% केंद्र सरकार द्वारा मूल वेतन के 14% के साथ मेल खाता है जबकि हरियाणा में कर्मचारियों के मूल वेतन का 10% राज्य सरकार द्वारा मूल वेतन के 10% के साथ मेल खाता है जो कि न्याय संगत नहीं है इसलिए इस मुद्दे पर मुलाना विधायक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखना चाहते है।

इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को विधानसभा में रखने की मांग स्पीकर की तरफ से यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि यह विषय वर्तमान का नहीं है तथा तत्काल में जरूरी नहीं है । गौरतलब है कि पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति द्वारा विधायक वरुण चौधरी को ज्ञापन देकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को उनके सामने रखा था विधायक वरुण चौधरी ने विषय की गंभीरता को देखते हुए वह सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाना चाहते थे विधानसभा द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक वरुण चौधरी ने कहा कि सबसे पहली बात तो यह कि यह विषय वर्तमान के साथ जुड़ा हुआ है क्योंकि जब नई पेंशन स्कीम लागू हुई उस समय इसके कोई परिणाम नहीं थे अब इस नई पेंशन स्कीम के तहत जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनका भविष्य अंधकार में बना हुआ है वृद्धावस्था सम्मान भत्ते से भी कम पेंशन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को गुजारा करना पड़ रहा है । जो कर्मचारी अपना पूरा जीवन राज्य के शासन प्रबंधन मैं लगाता है यह उसके साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी है इसके साथ साथ सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को पेंशन ना मिलना भी निंदनीय है इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब नई पेंशन स्कीम में केंद्र सरकार केंद्र कर्मचारियों को मूल वेतन का 14% अंशदान अपनी तरफ से दे रही है तो राज्य में यह दर 10% क्यों है यह भी राज्य के कर्मचारियों के साथ राज्य सरकार की तरफ से किया जाने वाला अन्याय है उन्होंने कहा कि वह पुरानी पेंशन बहाली की इस लड़ाई में कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं तथा जब जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह विधानसभा में कर्मचारियों पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बुलंद करते रहेंगे।

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