हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जल शक्ति महोत्सव शुरू किया गया है।
August 13th, 2021 | Post by :- | 114 Views
पंचकूला।(मनीषा) हरियाणा के अर्बन क्षेत्रों में जल संरक्षण सुनिश्चित करने और जल शक्ति अभियान की महत्ता के बारे में लोगों को समझाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जल शक्ति महोत्सव शुरू किया गया है। 2 महीनों के लिए आयोजित किए गए इस अभियान में ऑन-ग्राउंड और ऑनलाइन गतिविधियां शुरू की जाएंगी जिससे जनता की सहभागिता इस अभयान में बनी रहे।
यह महोत्सव 11 अगस्त 2021 को सुबह 10:30 बजे, माननीय चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटर, एचएसवीपी, श्री अजीत बालाजी जोशी के भाषण के साथ शुरू हुआ। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग और सहभागीय कार्यालयों के अधिकारी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने और उन्होंने जल संरक्षण की प्रतिज्ञा ली। इस कार्यक्रम में श्री प्रदीप डागर (आई ऐ एस), एडमिनिस्ट्रेटर, हेडक्वार्टर्स, श्री धर्मेंद्र सिंह (आई ऐ एस), एडमिनिस्ट्रेटर, पंचकूला, श्री नरहरि बांगड़ (आई ऐ एस), एडमिनिस्ट्रेटर, रोहतक, श्रीमती जसप्रीत कौर (आई ऐ एस), एडमिनिस्ट्रेटर, गुरुग्राम, श्रीमती मोनिका गुप्ता (आई ऐ एस), एडमिनिस्ट्रेटर, फरीदाबाद व कई विंगों के प्रमुख और सम्पदा अधिकारी, अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस समारोह का उद्देश्य, वर्तमान स्थिति में जल संरक्षण की महत्ता को समझाना है। जल के निरंतर उपयोग के कारण विकासशील शहरों में सतही जल में गिरावट आ रही है। वहीँ दूसरी ओर, अत्यधिक उपयोग के कारण भूजल स्तर भी घट रहा है। शहरी इलाकों में ताज़े पानी के रिसाव के लिए जगहों की कमी है और यह अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है कि शहर की हर बिल्डिंग में वर्षा जल का संचयन करके दैनिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाए, और ग्रीनबेल्टों में भारी मात्रा में पौधे लगाए जाएँ ताकि भूजल को रिचार्ज किया जा सके।
भाषण में माननीय चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटर ने दर्शकों और जनता से जल शक्ति अभियान में जुड़ने और शहर में जल संसाधनों को सस्टेन करने की अपील की। मानसून के दौरान वर्षा ताज़ा पानी का एक अच्छा स्रोत है और इसका संचयन करके हम सभी पानी बचाने की दिशा में एक कदम उठा सकते हैं। सभी अधिकारियों ने “जल शक्ति संकल्प” लिया। यह संकल्प हरियाणा में जल शक्ति अभियान चलाने की प्रेरणा का वर्णन करता है और लोगों को जल की बर्बादी को रोकने और जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग करके आने वाली पीढ़ी के लिए जल संसाधनों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।
वनरोपण वह कुंजी है जो जल संरक्षण में मदद करती है, इसलिए सभी अधिकारियों ने अपने आसपास के क्षेत्रों में पौधे लगाए और उन पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से दो महीने के जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई, जिसमें जल संरक्षण के संदेश को प्रसारित करने के लिए कई उप-अभियान आयोजित किए जाएंगे। एचएसवीपी ने पर्यावरण को बचाने के लिए अगले 2 महीनों में लगभग 1.20 लाख पौधों का रोपण करने की भी योजना बनाई है। जनता को विभाग के सोशल मीडिया खातों के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगिताओं, समारोह, वृक्षारोपण अभियान आदि में शामिल किया जाएगा।
इस महोत्सव में, हर घर में वर्षा जल संचयन स्ट्रक्टर लगाए जाने के विचार पर चर्चा की गई। इस निर्देश के अनुसार 100 वर्ग मीटर से अधिक की छत वाले प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन स्ट्रक्चर का निर्माण करना आवश्यक होगा। यह निर्देश हरियाणा सरकार की नीति/अधिसूचना के अंतर्गत लागू होगा। इसके अलावा, सभी सरकारी भवनों में भी वर्षा जल की हर एक बूंद को बचाने के लिए वर्षा जल संचयन वेल्ज़ के निर्माण के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया गया कि सीवरेज उपचार प्लांट्स के टरशरी वाटर का उपयोग पार्कों व ग्रीनबेल्टों की सिंचाई के लिए किया जाए और हॉर्टिकल्चर के लिए भी इस्तेमाल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पीने के पानी को बचाया जा सके।

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