भारतीय सेना किसी भी बड़े से बड़े मुकाबले के लिए रहती है हरदम तैयार:-महामहिम राज्यपाल बड़ारू दत्तात्रेय।
August 10th, 2021 | Post by :- | 131 Views

अम्बाला:अशोक शर्मा- अम्बाला छावनी के रैना ऑडिटोरियम में गैलेन्ट्री अवार्डी अभिनन्दन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए महामहिम राज्यपाल बड़ारू दत्तात्रेय–25 गलैंट्री अवार्डियों को स्मृति चिन्ह देकर किया अभिनंदन-4 युद्घ वीरांगनाएं व एक सैनिक की माता भी अभिनंदन समारोह में रही उपस्थित।

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय सेनाओं को अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करने का काम किया गया है। आज भारतीय सेना के पास सभी अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध हैं। दुश्मन भारत को 1962 का भारत न समझे। यदि कोई भी भारत की तरफ गल्त नजर से देखने का काम करेगा, भारतीय सेना उसका मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगी। आज भारत 21वीं सदी का भारत है।

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महामहिम राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने मंगलवार को अम्बाला छावनी के रैना ऑडिटोरियम में गैलेन्ट्री अवार्डी अभिनन्दन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 25 गैलेन्ट्री अवार्डियों को स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया। इन अवार्डियों में 10 अधिकारी व जवान हैं, जो अभी भी सेवा में हैं और देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं तथा 10 अधिकारी सेवानिवृत हो चुके हैं और इनमें 4 युद्ध वीरांगनाएं व एक सैनिक की माता भी शामिल हैं। इन युद्ध वीरांगनाओं के सुहाग ने अपना बलिदान देकर देश की रक्षा की थी। इस मौके पर कोर कमांडर लेफ्टिनेट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी ने माननीय राज्यपाल का यहां पंहुचने पर स्वागत किया एवं कोर कमांडर की तरफ से उन्हें स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन भी किया।

महामहिम राज्यपाल ने गैलेन्ट्री अवार्डियों को स्मृति चिन्ह देकर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हमारे वीर सैनिकों व जवानों की बदौलत ही आज हम सुरक्षित हैं। भारतीय सेना के जवान देश की सीमाओं पर पहरा देते हुए निरंतर हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय थल, जल व वायु सेना अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित हुई है। तीनों भारतीय सेनाओं में और अधिक समन्वय बनाने के उद्देश्य से कम्बाईंड डिफैंस का गठन किया गया है। इससे तीनों सेनाएं तत्काल निर्णय लेकर दुश्मन सेनाओं की रणनीति को असफल बनाने में कामयाब हो रही हैं।

आज सेना के बेड़े में ऐसे अत्याधुनिक हथियार एवं अन्य चीजें हैं, जो दुश्मनों को हराने में काफी कारगर सिद्ध हो रहे हैं। भारतीय सेना ने सदैव उत्साह से लबरेज योद्धा के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा की है। सेना की बदौलत ही देश की एकता, अखंडता, प्रभुसत्ता और मजबूत हुई है। आजादी के बाद हुए युद्धों की बात करें तो भारतीय सेना के जाबांजो ने दुश्मन सेनाओं के हमेशा दांत खट्टे किये हैं। वर्ष 1965, 1971 व 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्धों में पाकिस्तान की सेना के छक्के छुडाए हैं और भारत की विजयी पताका फहराई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 में भले ही भारतीय सेना के पास उन्नत हथियार नही थे लेकिन अब हमारे पास अत्याधुनिक हथियार हैं। यदि कोई भी दुश्मन देश भारत की ओर गल्त नजर से देखने का काम करेगा, उसे भारतीय सेना के जवान ध्वस्त करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिये भारतीय सेना कार्य कर रही है और इस सेना में देश के वीर जवान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आज उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने पर काफी गौरवान्वित महसूस हो रहा है। यह अम्बाला की वह एतिहासिक धरती है, जहां से 10 मई 1857 को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत हुई। इसके बाद 90 वर्ष की लम्बी जदोजहद के उपरांत 15 अगस्त 1947 को देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। सेना में कार्यरत जवानों के जज्बे को मद्देनजर रखते हुए आज केन्द्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी सैनिको, भूतपूर्व सैनिकों और परिवार के कल्याण के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। केन्द्र सरकार द्वारा सैनिकों के लिये सातवां वेतन आयोग लागू किया गया है, जिससे युद्ध में हताहत सैनिकों के परिवारों को चार गुणा मुआवजा मिल पायेगा। इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार द्वारा सेना युद्ध हताहत कल्याण भी स्थापित किया गया है।

 

उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति में यह भी कहा कि पूरे विश्व में हरियाणा को वीर भूमि के नाम से जाना जाता है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब भी देश को बलिदान की जरूरत पड़ी, हरियाणा के जवानों ने सदैव देश की रक्षा की है। आज भी भारतीय सेना में 10 प्रतिशत से अधिक जवान हरियाणा की वीर भूमि से हैं जबकि देश में हरियाणा का क्षेत्रफल केवल मात्र दो प्रतिशत है। हरियाणा प्रदेश के लोगों के देशप्रेम के जज्बे को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सैनिकों और उनके परिवारों के लिये आगे बढक़र काम किया है। राज्य सरकार द्वारा 60 या इससे अधिक आयु वर्ग के भूतपूर्व सैनिकों या उनकी वीरांगनाओ तथा भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के साथ-साथ विभिन्न युद्ध वीरांगनाओं की आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 4600 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह से दिव्यांग, नेत्रहीन, पैराप्लेजिक, टैटराप्लेजिक और हैमियाप्लेजिक भूतपूर्व सैनिकों की आर्थिक सहायता को भी बढ़ाया गया है।

इस मौके पर कोर कमांडर लेफ्टिनेट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम, मेजर जनरल पंकज कौशिक, मेजर जनरल आर.पी. सिंह सहित अन्य सैन्य अधिकारी मौजूद थे।

वर्तमान केन्द्र सरकार ने भारतीय सेना को अति आधुनिक फाईटर जैट राफेल उपलब्ध करवाकर सेना को मजबूती प्रदान करने का किया है काम।

महामहिम राज्यपाल ने यह भी कहा कि यह 2021 का नया भारत है। वर्तमान केन्द्र सरकार ने भारतीय सेना को अति आधुनिक फाईटर जैट राफेल उपलब्ध करवाकर सेना को मजबूती प्रदान की है। इसी प्रकार से सेना को एस 400 मिसाईल डिफैंस सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल से सुसज्जित किया है। बहुत ही आधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल को विकसित कर सेना के बेड़े में शामिल किया जायेगा। इतना ही नहीं साईबर डिफैंस एजेंसी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। इन सब अत्याधुनिक हथियारों से लैस होने पर आज भारतीय सेना हर बड़े से बड़े मुकाबले के लिये तैयार है।

गैलेन्ट्री अवार्डी अभिनन्दन समारोह में जिन अधिकारियों, जवानों, सेवानिवृत अधिकारियों व युद्ध वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित।
गैलेन्ट्री अवार्डी अभिनन्दन समारोह में जिन अधिकारियों, जवानों, सेवानिवृत अधिकारियों व युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित करने का काम किया गया। युद्ध वीरांगनाओं में बलबीर कौर, परमजीत कौर, जसविन्द्र कौर, जसबीर कौर व सैनिक की माता गुरमीत कौर शामिल हैं। सेवानिवृत अधिकारियों में ब्रिगेडियर इन्दु कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव सभ्रवाल, कैप्टन स्वर्ण सिंह, कैप्टन सूरज सिंह, सुबेदार लाभ सिंह, कैप्टन सुखबीर सिंह, सुबेदार मेजर स्वर्ण सिंह, हवलदार हरदीप सिंह, कोरपोरल संजीव अरोड़ा, पैटी ऑफिसर हिम्मत सिंह शामिल हैं। सेना अधिकारियों में कर्नल दीपेन्द्र सिंह, कर्नल संदीप आजाद, कर्नल अजय शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल ए.एस. सजवान, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश मदान, लेफ्टिनेंट कर्नल ईश्वर सिंह दहिया, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल अजय कुमार पंडिता, लेफ्टिनेंट कर्नल संदीप थापा, नायब सूबेदार सी.के. चौबे शामिल हंै।

 खडगा कोर मना रही है 50वीं सालगिरह और देश प्रवेश कर रहा है आजादी के 75वें वर्ष में।
कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल आर.पी. सिंह ने माननीय राज्यपाल, सभी अधिकारीगण, सभी शौर्य पदक (गैलेंट्री अवार्डी) का यहां पंहुचने पर स्वागत किया। उन्होंने खडगा कोर की ओर से किये जा रहे कार्यों बारे भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना जिसमें पूर्व सैनिक व सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जहां देश आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, वहीं खडगा कोर 50वीं सालगिरह मना रहा है। उन्होंने कहा कि खडगा कोर की स्थापना बंगलादेश के युद्ध के पश्चात 1971 में हुई थी। खडगा कोर 1972 में वैस्ट कोर चंडीमंदिर में स्थापित किया गया था। इसके बाद 1985 में अम्बाला में इसकी स्थापना हुई थी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मेजर जनरल पंकज कौशिक ने सभी का यहां पंहुचने पर धन्यवाद किया।

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