जिले के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने जडा स्वास्थ्य केंद्र पर ताला | 
September 25th, 2019 | Post by :- | 653 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  मंगलवार देर रात दर्द से करकरहाती गर्भवती महिला को हसनपुर स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर में उपचार ना मिलने पर महिला ने अपने बच्चे को खो दिया। बुधवार सुबह गुस्साए ग्रामीण महिला-पुरूष मृतक बच्चे के शव को साथ लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर ताला जड गया और वहीं गेट के बाहर बैठ गए। ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जडऩे की सूचना मिलते ही हसनपुर के नायव तहसीलदार मोहम्मद इब्राहिम,एसएमओ डा. विपिन कुमार व थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए।

गुस्साए ग्रामीण ने अधिकारियों के समक्ष मांग में कहा कि रात में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर, कर्मचारी व एम्बूलैंस चालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए। अधिकारियों ने यहां पीडि़त से लेकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि लापरवाही बरतने वाले डाक्टर व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर जड़े ताले को खोल दिया। पुलिस ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की कार्यवाही में जुटी है।

प्राप्त जानकारी में अनुसार खण्ड हसनपुर के गांव रामगढ़ निवासी जिले सिंह की गर्भवती पत्नी संजू के पेट में मंगलवार रात 12 बजे तेजी से दर्द होने लगा। जिले सिंह अपनी पत्नी को लेकर हसनपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गया। वहां पहुंचकर जिले सिंह ने अस्पताल व वहां स्टॉफ कमरों का काफी दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने भी दरवाजा खोलकर उसकी मदद नहीं की। जिले से दर्द से करकरहाती अपनी पत्नी को लेकर हसनपुर थाने में पहुंच गया जहां से पुलिसकर्मी अपनी गाडी को जिले सिंह के साथ सरकारी अस्पताल में पहुंच गए। पुलिसकर्मियों की लाख कोशिशों के बावजूद भी अस्पताल के किसी भी कर्मचारी ने अस्पताल का दरवाजा नहीं खोला। इसके अलावा एम्वूलैंस तो अस्पताल के बाहर खडी थी, लेकिन चालक गायब था।

पुलिसकर्मी पुलिस की गाडी में ही गर्भवती महिला को लेकर होडल अस्पताल की ओर ले जाने लगे, लेकिन महिला को दर्द ज्यादा होने के कारण उसे उसके गांव रामगढ ले गए और महिला ने वहां लडके को जन्म दे दिया। जन्म लेने वाले बच्चे की धडकन को कम चलता देख उसके परिजन उसे होडल अस्पताल की और ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड दिया। बुधवार सुबह गांव रामगढ़ के गुस्साए ग्रामीण महिला-पुरूष मृतक बच्चे के शव को साथ लेकर हसनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने यहां स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड दिया और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर बैठ गए।

स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जडने की सूचना मिलते ही नायक तहसीलदार मोहम्मद इब्राहिम, एसएमओ डा. विपिन कुमार व थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस बल लेकर स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीणों ने यहां रात को ड्यूटी पर तैनात गार्ड, डाक्टर, कर्मचारी व एम्वूलैंस चालक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। अधिकारियों ने यहां गुस्साए ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अस्पताल में जड़े ताले को खोला।
क्या कहते हैं एसएमओ:- एसएमओ डा. विपिन कुमार का कहना है कि मामले में लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि रात के समय गर्भवती महिलाओं के लिए ड्यूटी लगी हुई है, लेकिन वह कहां गायब थी इसका पता लगाना बाकी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन डाक्टर, गार्ड व कर्मचारियों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
दो लडकियों के बाद तीसरे हुआ लडका वह भी चढा लापरवाही की भेंट :- गांव रामगढ निवासी पीडि़त जिले सिंह ने बताया कि पहले उसके दो लडकियां है और उसे तीसरा बेटा हुआ था जो कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की भेंट चढ गया। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य केंद्र में उसकी गर्भवती पत्नी को समय पर उपचार मिल जाता तो शायद वह बच्चा उनके बीच होता। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य केंद्र का फायदा ही क्या है जो कि आपातकालीन में किसी की मदद ना कर सकें। उन्होंने कहा कि रात को जब उनकी पत्नी द्वारा दो लडकियों के बाद तीसरा लडके को जन्म देने की सूचना मिली तो उन्हें काफी खुशी हुई, लेकिन वह खुशी कुछ देर बाद ही मातम में बदल गई। कुछ देर पहले ही जन्मे बच्चे ने उसकी गोद में ही दम तोड दिया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे की मौत का कारण स्वास्थ्य विभाग है। वह स्वास्थ्य विभाग के गार्ड, लापरवाह डाक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही चाहेंगे।

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