मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में वर्चुअल माध्यम से किया ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ।
अम्बाला: अशोक शर्मा
हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ऑटो म्यूटेशन सिस्टम तथा पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन दोनों डिजिटल पहलों का वर्चुअल माध्यम से विधिवत उदघाटन किया।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार तकनीकी नवाचारों को अपनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से भूमि एवं संपत्ति संबंधी कार्यों में आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि ऑटो म्यूटेशन सिस्टम लागू होने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) स्वत: दर्ज हो जाएगा, नागरिकों को अलग से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच या विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विरासत, पारिवारिक बंटवारे तथा न्यायालय की डिक्री आधारित मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर कहा कि सरकार की इस डिजिटल पहल से नागरिकों को काफी लाभ मिलेगा। लोग अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे तथा संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इससे भूमि अभिलेखों का रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होगा और किसानों तथा भूमि स्वामियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को राजस्व विभाग के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 के सफल संचालन और नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नई प्रणाली को और अधिक उन्नत बनाया गया है। नई व्यवस्था में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है तथा प्रथम और द्वितीय पक्ष के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि इन दोनों डिजिटल पहलों का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को नागरिक हितैषी बनाना है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल प्रक्रिया को भी एकीकृत किया गया है। नई प्रणाली में आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे पहचान की शत-प्रतिशत पुष्टि सुनिश्चित होगी। अब रजिस्ट्री आवेदन प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली होगी तथा नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऑटो इंतकाल प्रणाली के माध्यम से लाखों किसानों और भूस्वामियों को राहत मिलेगी तथा अधिकांश मामलों में इंतकाल 24 घंटे के भीतर स्वीकृत हो सकेगा। नागरिक अब अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और उसकी प्रति डाउनलोड भी कर सकेंगे।
इस मौके पर एसडीएम दर्शन कुमार, एसडीएम कनिका गोयल, डीआरओ राजेश ख्यालिया, डीआईओ अंकित के साथ-साथ तहसीलदार आदित्य रंगा, नायब तहसीलदार अम्बाला छावनी आशीष के साथ-साथ सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
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